हैदराबाद/सूर्यापेट। तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में रविवार सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। खम्मम-हैदराबाद मार्ग पर पिल्ललामर्री के पास एक Volvo कार अचानक सड़क से अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर के कुछ ही क्षण बाद कार में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा वाहन आग की लपटों से घिर गया। हादसे में कार चला रहे न्यूरोसर्जन डॉ. कासकुर्ती जगदीश की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुबह हुआ बहुत ही दर्दनाक हादसा
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दुर्घटना सुबह सूर्यापेट जिले में पिल्ललामर्री के पास हुई। डॉ. जगदीश खम्मम से हैदराबाद की ओर जा रहे थे। बताया गया है कि उनका परिवार हैदराबाद में रहता था और वह परिवार से मिलने के लिए वहां लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क के डिवाइडर से जा टकराई।
टक्कर के बाद कार में तेजी से आग फैल गई। आग इतनी तेजी से फैली कि वाहन कुछ ही समय में पूरी तरह आग की चपेट में आ गया। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। हालांकि, जब तक मदद मौके पर पहुंची, तब तक आग ने वाहन को बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया था।
CCTV में सामने आया हादसे का खौफनाक मंजर
इस हादसे की जांच के दौरान सामने आए CCTV फुटेज से दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने में पुलिस को मदद मिल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, CCTV में Volvo कार पिल्ललामर्री फ्लाईओवर की ओर बढ़ती दिखाई देती है। इसके बाद वाहन अचानक अपनी लेन से दूसरी ओर मुड़ता है और सड़क के किनारे बने अवरोधक से टकरा जाता है। टक्कर के कुछ ही सेकंड बाद कार आग की लपटों से घिर जाती है।
CCTV सामने आने के बाद पुलिस दुर्घटना से पहले वाहन की गति, उसकी दिशा और चालक के नियंत्रण खोने की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। हादसे का सटीक कारण अभी जांच का विषय है।
कार के अंदर फंस गए थे डॉक्टर
हादसे के बाद कार में भीषण आग लगने से डॉ. जगदीश वाहन के अंदर फंस गए। आग ने इतनी तेजी से पूरे वाहन को घेरा कि उन्हें बाहर निकालने का अवसर नहीं मिल सका। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और अन्य टीमों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक कार बुरी तरह जल चुकी थी।
आग के कारण शव की पहचान करना भी शुरुआती तौर पर कठिन बताया गया। बाद में वाहन के पंजीकरण संबंधी विवरण के आधार पर मृतक की पहचान डॉ. कासकुर्ती जगदीश के रूप में की गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया।
खम्मम में न्यूरोसर्जन के तौर पर कर रहे थे काम
डॉ. कासकुर्ती जगदीश खम्मम में न्यूरोसर्जन के रूप में कार्यरत थे। रिपोर्टों के अनुसार उनका संबंध ममता अस्पताल और चिकित्सा संस्थान से था। वह न्यूरोसर्जरी विभाग में वरिष्ठ चिकित्सक के तौर पर सेवाएं दे रहे थे। उनकी सड़क दुर्घटना में मौत की खबर सामने आने के बाद चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों में भी शोक की स्थिति बताई गई है।
एक चिकित्सक, जो रोजाना लोगों के जीवन को बचाने और गंभीर मरीजों का इलाज करने में अपनी भूमिका निभाते थे, उनकी इस तरह सड़क हादसे में जान चले जाने की घटना ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं।
झपकी आने की आशंका, लेकिन जांच अभी जारी
पुलिस की शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई है कि वाहन चलाते समय डॉ. जगदीश को नींद या झपकी आने के कारण कार पर नियंत्रण खो गया हो सकता है। हालांकि, यह अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं है। पुलिस दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है।
पुलिस यह भी देख रही है कि हादसे से पहले वाहन किस गति से चल रहा था, सड़क की स्थिति कैसी थी और दुर्घटना से ठीक पहले कार की दिशा में अचानक बदलाव क्यों हुआ। CCTV फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और फोरेंसिक जांच को मामले की तह तक पहुंचने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
हादसे के बाद फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने जले हुए अवशेषों को सुरक्षित कर आगे की जांच के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद दुर्घटना की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि वाहन अचानक अनियंत्रित क्यों हुआ और टक्कर के बाद आग लगने की परिस्थितियां क्या थीं। अधिकारियों की ओर से हादसे के अंतिम कारण को लेकर अभी किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की गई है।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर लंबी दूरी की ड्राइविंग के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाता है। विशेष रूप से सुबह के समय लगातार वाहन चलाने पर चालक की थकान और नींद सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम बन सकती है। हालांकि, इस मामले में झपकी आने की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच का हिस्सा है और इसे दुर्घटना का अंतिम कारण नहीं माना जा सकता।
सड़क हादसे के बाद क्षतिग्रस्त वाहन और घटनास्थल की स्थिति की जांच जारी है। पुलिस द्वारा CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक डॉ. कासकुर्ती जगदीश की मौत सड़क हादसे में आग की चपेट में आने से हुई है। दुर्घटना का सटीक कारण पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।