धान और दलहन की फसलें बर्बाद; सामान्य से 1084% ज्यादा बारिश
नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती सिस्टम ‘अर्नब’ के प्रभाव से उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश हुई है। लगातार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उत्तर प्रदेश में गुरुवार शाम से शुरू हुई बारिश का दौर रविवार तक जारी रहा। बारिश से जुड़ी घटनाओं में रविवार तक 67 लोगों की मौत की खबर है, जबकि आधिकारिक आंकड़ा 56 मौतों का बताया गया है।
25 से 27 सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में दीर्घावधि औसत बारिश 9.4 मिलीमीटर रहती है। इसके मुकाबले इन तीन दिनों में 111.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यानी सामान्य से करीब 1084 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार इतनी बारिश असामान्य मानी जाती है।
शनिवार रात तक प्रदेश में 49 लोगों की मौत की सूचना थी। रविवार को 18 और मौतों की खबर सामने आई, जिसके बाद मृतकों की संख्या 67 तक पहुंच गई।
लगातार बारिश से खरीफ और दलहनी फसलों को भी बड़ा नुकसान होने की आशंका है। खेतों में अगेती धान की फसल गिर गई है। इसके अलावा तिल, ज्वार, बाजरा, उड़द और मूंग की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। किसानों को बारिश के कारण भारी आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
रविवार को रामपुर में भाखड़ा नांगल बांध का एक हिस्सा धंस गया। इसके कारण पानी का रिसाव बढ़ने की आशंका जताई गई है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
वहीं, उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा के आसपास पानी भर गया। जलभराव के बीच कुछ लोग वहां मछलियां पकड़ते हुए भी नजर आए।
लगातार बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में जलभराव, फसल नुकसान और जनहानि की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहा है।