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सत्य निकेतन हादसा: जमानत पर कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट मांगी

30 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में अदालत के सामने मेडिकल रिपोर्ट रखे जाने की उम्मीद है। इसके अलावा मामले से जुड़े अन्य पक्षों को जारी नोटिस पर भी जवाब सामने आ सकता है। इसके बाद अदालत जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई करेगी...

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  • September 28, 2026 11:32 am IST, Published 2 hours ago

नयी दिल्ली: सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने भवन मालिक हरि राम गुप्ता की नियमित जमानत याचिका पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। गुप्ता ने अपनी उम्र और स्वास्थ्य संबंधी स्थिति का हवाला देते हुए अदालत से नियमित जमानत देने का अनुरोध किया है। अदालत ने मामले में जेल प्रशासन से उनकी मेडिकल रिपोर्ट तलब की है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी।

अदालत में दाखिल जमानत याचिका में हरि राम गुप्ता की ओर से उनकी बढ़ती उम्र और मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को प्रमुख आधार बनाया गया है। याचिका में अदालत से आग्रह किया गया है कि उनकी चिकित्सकीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें नियमित जमानत का लाभ दिया जाए। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने तत्काल जमानत पर फैसला देने के बजाय जेल अधिकारियों से संबंधित मेडिकल दस्तावेज और रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

सत्य निकेतन में इमारत गिरने का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा और निर्माण मानकों को लेकर भी सवाल उठे थे। घटना के बाद जांच एजेंसियों ने मामले की पड़ताल शुरू की और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की गई। भवन मालिक हरि राम गुप्ता भी इस मामले में आरोपी बनाए गए हैं और फिलहाल उनकी जमानत याचिका अदालत के समक्ष विचाराधीन है।

पटियाला हाउस कोर्ट की ओर से मेडिकल रिपोर्ट मंगाए जाने के बाद अब अगली सुनवाई में गुप्ता की स्वास्थ्य स्थिति से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी। अदालत यह देखेगी कि याचिका में बताए गए चिकित्सकीय आधार और उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर नियमित जमानत देने का कोई आधार बनता है या नहीं। हालांकि, अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई और रिकॉर्ड पर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर होगा।

इस मामले में अदालत की कार्यवाही का एक अहम पहलू यह है कि आरोपी की मेडिकल स्थिति को लेकर आधिकारिक रिपोर्ट जेल प्रशासन से मांगी गई है। इससे अदालत को उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करने में मदद मिल सकती है। जमानत के मामलों में आरोपी की उम्र और स्वास्थ्य जैसी परिस्थितियों पर अदालत विचार कर सकती है, लेकिन इसका निर्णय मामले के तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप किया जाता है।

30 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में अदालत के सामने मेडिकल रिपोर्ट रखे जाने की उम्मीद है। इसके अलावा मामले से जुड़े अन्य पक्षों को जारी नोटिस पर भी जवाब सामने आ सकता है। इसके बाद अदालत जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई करेगी।

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे ने राजधानी में इमारतों की सुरक्षा, निर्माण की गुणवत्ता और संबंधित नियमों के पालन को लेकर भी चर्चा को जन्म दिया है। ऐसे मामलों में जांच का उद्देश्य घटना के कारणों और जिम्मेदारियों का पता लगाना होता है। फिलहाल हरि राम गुप्ता की नियमित जमानत याचिका पर अदालत ने कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया है। अदालत की अगली सुनवाई में उनकी मेडिकल स्थिति और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर आगे विचार किया जाएगा।

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