• होम
  • दिल्ली/NCR
  • जस्टिस विक्रम नाथ बनेंगे अगले CJI? जानिए उनका पूरा सफर

जस्टिस विक्रम नाथ बनेंगे अगले CJI? जानिए उनका पूरा सफर

लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई करने वाले जस्टिस विक्रम नाथ फरवरी 2027 में भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश बन सकते हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक उनका न्यायिक सफर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों से जुड़ा रहा है।

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • September 27, 2026 7:27 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली । भारतीय न्यायपालिका में अगले मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ वरिष्ठता की स्थापित परंपरा के अनुसार फरवरी 2027 में भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश (CJI) बन सकते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की शिक्षा प्राप्त करने वाले जस्टिस विक्रम नाथ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत से अपने करियर की शुरुआत की थी।

कौन हैं जस्टिस विक्रम नाथ?

जस्टिस विक्रम नाथ का जन्म 24 सितंबर 1962 को हुआ था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और वर्ष 1986 में कानून की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद 30 मार्च 1987 को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में उनका नामांकन हुआ।

उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में 17 वर्षों से अधिक समय तक वकालत की। इस दौरान विभिन्न कानूनी मामलों में काम करते हुए उन्होंने न्यायिक प्रक्रियाओं का व्यापक अनुभव प्राप्त किया। वर्ष 2018 में लखनऊ विश्वविद्यालय ने उन्हें विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान से सम्मानित किया था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से शुरू हुआ न्यायिक सफर

जस्टिस विक्रम नाथ को 24 सितंबर 2004 को इलाहाबाद हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 27 फरवरी 2006 को वह स्थायी न्यायाधीश बने।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में लगभग 15 वर्षों तक न्यायिक सेवाएं देने के बाद उन्हें गुजरात हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। उन्होंने 10 सितंबर 2019 को गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाला।

गुजरात हाईकोर्ट में उनके कार्यकाल के दौरान न्यायिक व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल को लेकर महत्वपूर्ण पहल हुई। इसके बाद 31 अगस्त 2021 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया।

गुजरात हाईकोर्ट में लाइव स्ट्रीमिंग की ऐतिहासिक पहल

गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहते हुए जस्टिस विक्रम नाथ के कार्यकाल में अदालती कार्यवाही के सीधे प्रसारण की ऐतिहासिक पहल हुई।

गुजरात हाईकोर्ट यूट्यूब के माध्यम से न्यायिक कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करने वाले देश के अग्रणी उच्च न्यायालयों में शामिल हुआ। इस पहल से न्यायिक कार्यवाही को आम जनता तक पहुंचाने और अदालतों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

फरवरी 2027 में बन सकते हैं भारत के मुख्य न्यायाधीश

भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत का निर्धारित कार्यकाल 9 फरवरी 2027 तक है। सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठता की स्थापित परंपरा के अनुसार जस्टिस विक्रम नाथ उनके उत्तराधिकारी बन सकते हैं।

यदि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनकी नियुक्ति होती है, तो वह 10 फरवरी 2027 को भारत के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाल सकते हैं। उनकी सेवानिवृत्ति की निर्धारित तारीख 23 सितंबर 2027 है। इस प्रकार मुख्य न्यायाधीश बनने पर उनका कार्यकाल लगभग साढ़े सात महीने का होगा।

हालांकि, मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होती है। इसलिए औपचारिक नियुक्ति की घोषणा होने तक उनके संभावित कार्यकाल को अंतिम नहीं माना जा सकता।

न्यायिक प्रशासन में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्य करने के साथ जस्टिस विक्रम नाथ न्यायिक प्रशासन से संबंधित विभिन्न जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं।

मई 2025 से वह सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी के अध्यक्ष हैं। यह समिति भारतीय न्यायपालिका में सूचना एवं संचार तकनीक के उपयोग तथा अदालतों के डिजिटलीकरण से जुड़े कार्यों की देखरेख करती है।

इसके अतिरिक्त उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली है। यह संस्था आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों तक निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाने के लिए काम करती है।

लखनऊ विश्वविद्यालय से विशेष संबंध

जस्टिस विक्रम नाथ का लखनऊ विश्वविद्यालय से गहरा शैक्षणिक संबंध रहा है। इसी विश्वविद्यालय से उन्होंने कानून की शिक्षा प्राप्त की थी।

उनका न्यायिक सफर कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए उच्च न्यायपालिका में उपलब्ध अवसरों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। वकालत से शुरुआत करके हाईकोर्ट के न्यायाधीश, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और फिर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश तक पहुंचना उनके लंबे न्यायिक करियर के प्रमुख पड़ाव रहे हैं।

न्यायपालिका में नेतृत्व परिवर्तन पर नजर

फरवरी 2027 में प्रस्तावित नेतृत्व परिवर्तन भारतीय न्यायपालिका के लिए महत्वपूर्ण होगा। मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्त व्यक्ति सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक और प्रशासनिक कामकाज में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाता है।

मुख्य न्यायाधीश के रूप में मामलों के आवंटन, संवैधानिक पीठों के गठन और न्यायिक प्रशासन से संबंधित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं।

ऐसे में आने वाले महीनों में भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश की औपचारिक नियुक्ति प्रक्रिया पर न्यायिक जगत की नजर रहेगी। वरिष्ठता की वर्तमान स्थिति के अनुसार जस्टिस विक्रम नाथ इस पद के संभावित उत्तराधिकारी हैं।

Advertisement