वृंदावन में अनुज लापता, आश्रम के बाहर परिवार ने दिया धरना

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दीक्षा लेने के बाद 17 वर्षीय किशोर अनुज चौधरी के लापता होने का मामला सामने आया है।

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  • October 2, 2026 9:30 pm IST, Published 5 hours ago

मथुरा/वृंदावन। वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दीक्षा लेने के बाद 17 वर्षीय किशोर अनुज चौधरी के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों के मुताबिक अनुज 3 जुलाई से लापता है और काफी तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चल सका। शुक्रवार को उसके परिवार के सदस्य और ग्रामीण वृंदावन स्थित राधा केली कुंज आश्रम के बाहर पहुंच गए और किशोर की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।

परिवार का कहना है कि अनुज ने कुछ समय पहले संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ग्रहण की थी। परिजनों के अनुसार, इसके बाद वह आश्रम आने-जाने लगा था। परिवार को आशंका है कि आश्रम से जुड़े लोगों के पास उसके बारे में कोई जानकारी हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

26 जून को ली थी दीक्षा

परिजनों के अनुसार, जनपद हाथरस के थाना सादाबाद क्षेत्र के गांव बरामई खेड़ा निवासी राजवीर चौधरी का 17 वर्षीय बेटा अनुज चौधरी इस साल इंटरमीडिएट की परीक्षा के बाद वृंदावन आया था। परिवार का कहना है कि धार्मिक गतिविधियों और संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के प्रति उसका रुझान बढ़ गया था।

परिजनों के मुताबिक 26 जून को अनुज ने संत प्रेमानंद महाराज से विधिवत दीक्षा ग्रहण की थी। परिवार का दावा है कि दीक्षा से संबंधित साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। इसके कुछ दिन बाद अनुज घर पहुंचा और परिवार को बताया कि वह आश्रम जाना चाहता है। तीन जुलाई के बाद परिजनों का उससे संपर्क नहीं हो पाया।

परिवार के अनुसार, अनुज पिछले कई महीनों से धार्मिक गतिविधियों में रुचि ले रहा था। पिता राजवीर चौधरी का कहना है कि उनका बेटा घर से आश्रम जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन उसके बाद से उसकी कोई जानकारी नहीं मिली। परिजनों ने आश्रम प्रबंधन से भी अनुज के संबंध में जानकारी हासिल करने की कोशिश की।

तीन जुलाई से तलाश में जुटा परिवार

अनुज के लापता होने के बाद परिवार ने अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाई गई, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। परिवार के मुताबिक लगातार तलाश के बावजूद जब अनुज का पता नहीं चला तो उनकी चिंता और बढ़ गई।

परिजनों का कहना है कि अनुज चार बहनों का इकलौता भाई है। ऐसे में उसके अचानक लापता होने से परिवार में चिंता का माहौल है। परिवार के सदस्य लगातार उसकी सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं।

मामले में परिजनों ने आश्रम से जुड़े लोगों पर सहयोग नहीं करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि उन्हें अपने बेटे के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। दूसरी ओर, उपलब्ध जानकारी के अनुसार आश्रम के एक साधक ने भी अधिकारियों की मौजूदगी में परिजनों से बातचीत करने की कोशिश की थी, लेकिन परिजन अपनी मांग पर कायम रहे।

आश्रम के बाहर धरने पर बैठे परिजन

शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे अनुज के परिवार के सदस्य और कुछ ग्रामीण राधा केली कुंज आश्रम के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए। अनुज की दादी, मां और चाची सहित परिवार की अन्य महिलाएं भी धरने में शामिल रहीं।

धरने की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को देखते हुए वहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। परिजनों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। परिवार की मुख्य मांग थी कि अनुज को जल्द से जल्द तलाश कर सकुशल वापस लाया जाए।

परिजनों ने कहा कि जब तक उन्हें अनुज की सुरक्षित बरामदगी या उसके संबंध में ठोस जानकारी नहीं मिलती, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। इस दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीण भी परिवार के समर्थन में नजर आए।

पुलिस ने समझाया, आठ घंटे बाद खत्म हुआ धरना

धरने के दौरान पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक क्षेत्राधिकारी संदीप सिंह और कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस की ओर से अनुज की तलाश में कार्रवाई का भरोसा दिया गया।

करीब आठ घंटे तक चले धरने के बाद शाम लगभग 7:30 बजे पुलिस ने परिजनों को समझाया। पुलिस ने आश्वासन दिया कि लापता किशोर की तलाश की जाएगी और उसके बारे में जल्द जानकारी जुटाने का प्रयास होगा। इसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया।

हालांकि, परिवार ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता अनुज की सुरक्षित वापसी है। परिजनों के अनुसार वे पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनाए रखेंगे और आवश्यकता पड़ने पर दोबारा अधिकारियों से संपर्क करेंगे।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

अनुज के परिवार की ओर से आश्रम से जुड़े लोगों पर सहयोग नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें अपने बेटे के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं मिल रही थी, जिसके चलते उन्हें आश्रम के बाहर धरने पर बैठना पड़ा।

परिजनों ने यह आशंका भी जताई कि अनुज के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। हालांकि, यह परिवार की आशंका है और इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। किसी आपराधिक घटना के संबंध में अंतिम स्थिति पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति या संस्था पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच के आधार पर होना जरूरी है। फिलहाल अनुज के लापता होने और उसके बाद परिवार द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शन की जानकारी सामने आई है।

आश्रम के साधक ने भी की बातचीत की कोशिश

परिजनों के धरने के दौरान आश्रम के एक साधक ने भी अधिकारियों की मौजूदगी में परिवार से बातचीत करने का प्रयास किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार साधक ने परिवार को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने अपनी मांग दोहराई।

परिवार का कहना था कि वे अपने बेटे को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे और उसकी सुरक्षित वापसी तक अपनी मांग उठाते रहेंगे। लगभग तीन घंटे तक चले धरने के दौरान बातचीत का प्रयास भी किया गया, लेकिन तत्काल कोई समाधान नहीं निकल सका। बाद में पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिवार ने धरना समाप्त कर दिया।

पुलिस जांच से सामने आएगा पूरा सच

17 वर्षीय अनुज चौधरी के लापता होने का मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती किशोर की सुरक्षित तलाश कर उसके वर्तमान ठिकाने का पता लगाना है। इसके लिए परिवार से मिली जानकारी, उसके अंतिम संपर्क और वृंदावन आने-जाने से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

परिवार का कहना है कि अनुज धार्मिक गतिविधियों से प्रभावित होकर आश्रम जाने लगा था। अब उसकी अचानक गुमशुदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अनुज आखिरी बार कहां देखा गया था और उसके बाद वह किन परिस्थितियों में लापता हुआ।

फिलहाल परिवार की नजर पुलिस की कार्रवाई पर है। परिजन लगातार अनुज की सकुशल बरामदगी की मांग कर रहे हैं। पुलिस की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद धरना तो समाप्त हो गया है, लेकिन परिवार की तलाश और चिंता अभी खत्म नहीं हुई है।

नोट: यह समाचार उपलब्ध कराई गई सामग्री और स्क्रीनशॉट में दर्ज विवरण के आधार पर मौलिक समाचार-शैली में तैयार किया गया है। इसमें आरोपों और आशंकाओं को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

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