लखनऊ के KGMU में 500 बेड का ट्रामा सेंटर-2 जल्द होगा शुरू

ट्रामा सेंटर-2 के शुरू होने से केजीएमयू में गंभीर मरीजों के लिए बेड की उपलब्धता बढ़ने के साथ विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार भी होगा। रोजाना सैकड़ों गंभीर मरीजों के पहुंचने वाले इस केंद्र में नई सुविधा शुरू होना लखनऊ ही नहीं, आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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  • October 6, 2026 9:30 pm IST, Published 2 hours ago

लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में गंभीर मरीजों के इलाज की क्षमता बढ़ाने की दिशा में ट्रामा सेंटर-2 का निर्माण तेजी से चल रहा है। करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा 500 बेड का नया ट्रामा सेंटर भवन जनवरी तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद फरवरी के अंतिम सप्ताह तक यहां गंभीर मरीजों की भर्ती और उपचार शुरू करने की तैयारी है। नया सेंटर शुरू होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं सहित अन्य गंभीर मामलों में मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

केजीएमयू का मौजूदा ट्रामा सेंटर वर्ष 2003 में शुरू हुआ था। चार मंजिला इस भवन में करीब 450 बेड की क्षमता है, लेकिन रोजाना आने वाले गंभीर मरीजों की संख्या इसकी क्षमता से काफी अधिक रहती है। केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में प्रतिदिन करीब 650 से 700 गंभीर मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में सीमित बेड और बढ़ती मरीजों की संख्या के कारण अस्पताल पर उपचार का दबाव बना रहता है। नए ट्रामा सेंटर के शुरू होने से इस दबाव को कम करने की उम्मीद है।

नई व्यवस्था के तहत ट्रामा सेंटर-2 की इमारत में मुख्य रूप से दुर्घटना में घायल मरीजों को भर्ती किया जाएगा, जबकि पुराने ट्रामा सेंटर को अन्य गंभीर रोगियों के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। दोनों सुविधाओं के एक साथ संचालित होने से गंभीर मरीजों के लिए उपलब्ध कुल बेड की संख्या करीब 950 तक पहुंच जाएगी। इससे इमरजेंसी और ट्रामा सेवाओं को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की संभावना है। नई इमारत में दो बेसमेंट के साथ कई स्तरों पर अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ग्राउंड फ्लोर पर 80 बेड की कैजुअल्टी के साथ सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और एक्स-रे जैसी रेडियोडायग्नोसिस सुविधाएं होंगी। इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर, पीआरओ रूम, चिकित्सकों और रेजिडेंट डॉक्टरों के कमरे तथा स्टोर की व्यवस्था की जाएगी।

पहली मंजिल पर 12 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का कॉम्प्लेक्स प्रस्तावित है। यहां 60 बेड का पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड भी होगा। दूसरी मंजिल पर 80 बेड का ट्रामा सर्जरी वार्ड तैयार किया जा रहा है। तीसरी मंजिल पर 80 बेड का न्यूरो सर्जरी वार्ड होगा। दोनों मंजिलों पर चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए अलग-अलग कमरे बनाए जा रहे हैं। चौथी मंजिल पर 60 बेड का आर्थोपेडिक्स वार्ड और 20 बेड का पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक्स वार्ड प्रस्तावित है। पांचवीं मंजिल पर क्रिटिकल केयर मेडिसिन की सुविधा होगी, जहां 40 आईसीयू और 20 एचडीयू बेड उपलब्ध होंगे। इससे गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए निगरानी और गहन उपचार की क्षमता बढ़ेगी।

छठी मंजिल पर प्लास्टिक सर्जरी, वैस्कुलर सर्जरी, ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी, ईएनटी और नेत्र विभाग के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए जाएंगे। प्रत्येक संबंधित विभाग में 10-10 बेड की व्यवस्था होगी। इसके अलावा 10 बेड का निराश्रित वार्ड भी प्रस्तावित है। सातवीं मंजिल पर प्रशासनिक कार्यालय, लाउंज, सेमिनार हॉल, बीएमई कार्यालय, फार्मेसी सब-स्टोर और विभिन्न उपकरणों के लिए स्टोर की व्यवस्था होगी। केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के अनुसार, ट्रामा सेंटर-2 को फरवरी के अंतिम सप्ताह तक शुरू करने की तैयारी चल रही है। निर्माण कार्य और जरूरी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद चरणबद्ध तरीके से नई सुविधाओं को मरीजों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। नए भवन के संचालन से दुर्घटना के गंभीर मरीजों के अलावा न्यूरो, ऑर्थोपेडिक, वैस्कुलर, प्लास्टिक सर्जरी और अन्य जटिल मामलों के इलाज की क्षमता भी बढ़ेगी।

ट्रामा सेंटर-2 के शुरू होने से केजीएमयू में गंभीर मरीजों के लिए बेड की उपलब्धता बढ़ने के साथ विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार भी होगा। रोजाना सैकड़ों गंभीर मरीजों के पहुंचने वाले इस केंद्र में नई सुविधा शुरू होना लखनऊ ही नहीं, आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

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