विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, 10 अक्टूबर को हुए हमले समेत हालिया हमलों में लोगों की जान गई, कई लोग घायल हुएऔर संपत्ति को नुकसान पहुंचा। उपलब्ध जानकारी में 12 लोगों की मौत और करीब 300 लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। हालांकि,इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि और हमलों से जुड़े विस्तृत आधिकारिक ब्योरे की पुष्टि जरूरी है।
भारत ने इस घटना पर चिंता जताते हुए स्पष्ट किया कि नागरिकों को निशाना बनाना और हवाई अड्डों जैसे महत्वपूर्ण नागरिक ठिकानों पर हमले करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसे हमलों से न केवल लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि परिवहन सेवाओं, आर्थिक गतिविधियों और आम जनजीवन पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
सऊदी अरब के अधिकारियों के अनुसार, 10 अक्टूबर को हुआ हमला इस सप्ताह रियाद हवाई अड्डे को निशाना बनाने वाली घटनाओं में एक और गंभीर हमला था। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के मुताबिक, इस घटना में 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए। घायलों कोअस्पतालों में उपचार दिया गया, जबकि कुछ की हालत गंभीर बताई गई। हमले के बाद हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से रोककर नुकसानका आकलन किया गया।
भारत ने इससे पहले 8 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सऊदी अरब के अभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हमलों की निंदा की थी। रियाद स्थित भारतीय दूतावास की ओर से जारी बयान में नागरिकों की मौत पर दुख जताते हुए घायलोंके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई थी। बयान में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को अस्वीकार्य बताया गया था।
भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के प्रति वहां की सरकार और जनता के साथ एकजुटता भी व्यक्त की है। भारत का रुख इस बात को रेखांकित करता है कि आम नागरिकों की सुरक्षा और महत्वपूर्ण नागरिक प्रतिष्ठानों की रक्षा अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता होनी चाहिए।
रियाद हवाई अड्डे पर हमले के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हवाई अड्डे अंतरराष्ट्रीय यात्राओं, व्यापार और आपातकालीनपरिवहन के लिहाज से महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे स्थानों पर हमलों से यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ विमान सेवाओं और क्षेत्रीय संपर्क पर भीअसर पड़ सकता है।
इस घटनाक्रम के बीच भारत ने क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद जताई है। हालांकि, 10 अक्टूबर के ताजा हमले पर भारतकी प्रतिक्रिया के संबंध में अलग से जारी आधिकारिक बयान की पुष्टि आवश्यक है। भारत की पहले की निंदा और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर उसका जोर इस मुद्दे पर उसकी चिंता को स्पष्ट करता है।