दिल्ली में जर्जर इमारतों पर MCD का बड़ा एक्शन

 47 बिल्डिंग गिराईं और 282 संपत्तियां सील; सीमापुरी हादसे में 5 की हुई थी मौत नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और जर्जर इमारतों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, 6 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 के बीच दिल्ली नगर निगम (MCD) के सभी 12 […]

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  • October 12, 2026 8:39 am IST, Published 2 hours ago

 47 बिल्डिंग गिराईं और 282 संपत्तियां सील; सीमापुरी हादसे में 5 की हुई थी मौत

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और जर्जर इमारतों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, 6 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 के बीच दिल्ली नगर निगम (MCD) के सभी 12 जोन में कार्रवाई करते हुए 1,046 संपत्तियों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस दौरान 282 संपत्तियों को सील किया गया और 47 जर्जर इमारतों को गिराया गया।

यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है, जब हाल ही में न्यू सीमापुरी इलाके में चार मंजिला इमारत गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई थी और आठ लोग घायल हुए थे। इस हादसे ने राजधानी में पुरानी और असुरक्षित इमारतों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीमापुरी हादसे के बाद बढ़ी सख्ती

7 अक्टूबर को न्यू सीमापुरी में ईदगाह मछली मंडी के पास एक इमारत अचानक ढह गई थी। हादसे के समय इमारत में लोगों के मौजूद होने की जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद राहत और बचाव दलों के साथ स्थानीय लोग भी मलबा हटाने में जुट गए थे।

हादसे में पांच लोगों की मौत हुई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। इमारत गिरने से आसपास की दो अन्य इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। पास स्थित ईदगाह की चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई। बिजली का खंभा टूटने और तारों को नुकसान पहुंचने के कारण इलाके की बिजली आपूर्ति भी बंद करनी पड़ी थी।

मुख्यमंत्री ने दिए कार्रवाई तेज करने के निर्देश

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माण और जर्जर इमारतों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए और इसकी गति बढ़ाई जाए। प्रशासन की ओर से की जा रही इस कार्रवाई का उद्देश्य संभावित हादसों को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

न्यू सीमापुरी हादसे के बाद संबंधित एजेंसियों ने एक असुरक्षित इमारत को भी गिराया। वहीं, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) ने इलाके के तीन अन्य मकानों को नोटिस जारी किए हैं।

सभी 12 जोन में हुई कार्रवाई

नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के सभी 12 जोन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इनमें नरेला में 62, रोहिणी में 158, सिविल लाइंस में 63, केशवपुरम में 61, सिटी एसपी जोन में 87 और करोल बाग में 85 संपत्तियों पर कार्रवाई हुई।

इसके अलावा शाहदरा साउथ में 87, शाहदरा नॉर्थ में 115, वेस्ट जोन में 87, नजफगढ़ में 45, सेंट्रल जोन में 75 और साउथ जोन में 121 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

ये आंकड़े बताते हैं कि राजधानी के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माण और भवन सुरक्षा से जुड़े मामलों पर नगर निगम ने व्यापक स्तर पर कदम उठाए हैं।

20 से 25 साल पुरानी थी सीमापुरी की इमारत

MCD के मुताबिक, सीमापुरी में गिरी इमारत दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की लगभग 25 वर्ग गज जमीन पर बनी थी और करीब 20 से 25 साल पुरानी थी। अधिकारियों ने इमारत को भूतल के साथ तीन मंजिला बताया, जबकि स्थानीय लोगों के अनुसार इसमें पांच मंजिलें थीं।

इमारत की वास्तविक मंजिलों और निर्माण संबंधी नियमों को लेकर सामने आए इस अंतर ने भवन सुरक्षा की जांच की आवश्यकता को और महत्वपूर्ण बना दिया है।

तीन साल में इमारत गिरने की 1,133 घटनाएं

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2022 से 2025 के बीच दिल्ली में इमारत गिरने की 1,133 घटनाएं सामने आईं। इन हादसों में 98 लोगों की मौत हुई। ये आंकड़े राजधानी में भवन सुरक्षा और समय रहते मरम्मत तथा निरीक्षण की जरूरत को रेखांकित करते हैं।

सवाल सिर्फ कार्रवाई का नहीं, सुरक्षा का भी है

जर्जर इमारतों को गिराना और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही नियमित निरीक्षण, समय पर नोटिस, जोखिम वाले मकानों की पहचान और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर भी ध्यान देना होगा।

सीमापुरी हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ऐसी इमारतों की पहचान हादसे से पहले नहीं की जा सकती थी? नगर निगम की मौजूदा कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित होती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल, राजधानी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

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