नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में दिल्ली के विभिन्न कॉलेजों की छात्रा प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। बैठक में छात्राओं ने अपने-अपने कॉलेजों और आसपास के क्षेत्रों में महिला सुरक्षा, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक परिवहन, सीसीटीवी निगरानी और शिकायत निवारण व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने छात्राओं की बातों को गंभीरता से सुना और उनके सुझावों पर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्राओं द्वारा साझा किए गए सुझावों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक समन्वय और फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाएगा। छात्राओं और संबंधित अधिकारियों के बीच संवाद एवं समन्वय के लिए बनाए गए वॉट्सऐप ग्रुप को सक्रिय रखा जाएगा, ताकि छात्राएं अपनी समस्याएं सीधे साझा कर सकें और उन पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यदि किसी शिकायत पर संबंधित स्तर पर सुनवाई नहीं होती है तो छात्राएं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों के समक्ष भी अपना विषय रख सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्राओं की शिकायतों का प्रभावी निस्तारण और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
महिला सुरक्षा और कॉलेजों के आसपास के क्षेत्रों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा
मुख्यमंत्री के समक्ष लेडी श्रीराम कॉलेज, गार्गी कॉलेज, दौलत राम कॉलेज, जीसस एंड मैरी कॉलेज, मैत्रेयी कॉलेज, अदिति महाविद्यालय, भारती कॉलेज, जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज सहित विभिन्न कॉलेजों की छात्रा प्रतिनिधियों ने महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने कॉलेजों के आसपास पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने, डार्क स्पॉट्स एवं संवेदनशील स्थानों के सुरक्षा ऑडिट, पिंक बूथों की सुलभता, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती, नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और महिला सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों के व्यापक प्रचार-प्रसार की मांग की। सिरी फोर्ट रोड, कमला नेहरू कॉलेज, गार्गी कॉलेज, मुखर्जी नगर, बत्रा सिनेमा सहित छात्र-बहुल क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत करने और सार्वजनिक स्थानों पर अनुचित गतिविधियों पर अंकुश लगाने के साथ मेट्रो स्टेशनों, कॉलेजों के आसपास के मार्गों एवं पुलों पर सुरक्षित आवाजाही के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय का सुझाव दिया।
छात्राओं ने ऑफ-कैंपस कॉलेजों एवं दूरस्थ क्षेत्रों में डीटीसी बसों की पर्याप्त उपलब्धता, निर्धारित स्टॉप पर बसों के रुकने, ट्रैफिक सुधार और पीजी आवास वाले क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, पिंक बूथों पर मिली शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई, शिकायत पेटियों की नियमित जांच और कॉलेज प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। कुछ क्षेत्रों में भवन सुरक्षा से जुड़ी लंबित शिकायतों और अन्य स्थानीय सुरक्षा समस्याओं को भी उठाया गया। मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने और छात्राओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
सुरक्षित परिसर और जवाबदेह व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्राओं को आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में इस नंबर के माध्यम से पुलिस एवं संबंधित आपातकालीन सेवाओं से सहायता प्राप्त की जा सकती है। दिल्ली में लगभग एक लाख स्मार्ट स्ट्रीट लाइट लगाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिन्हें इंटीग्रेटेड कमांड ऐंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा। इन लाइटों के रखरखाव के लिए एएमसी की व्यवस्था होगी ताकि किसी लाइट के खराब होने पर संबंधित एजेंसी को निर्धारित समयसीमा में उसे ठीक करना अनिवार्य हो।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कॉलेजों के आसपास जहां स्ट्रीट लाइट की आवश्यकता होगी, वहां संबंधित एजेंसियों और कॉलेज प्रशासन के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने छात्राओं को यह भी आश्वस्त किया कि शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा।

बैठक में छात्राओं ने प्रत्येक कॉलेज में प्राचार्य, छात्र प्रतिनिधियों और स्थानीय पुलिस अधिकारियों को शामिल करते हुए सुरक्षा समिति गठित करने, नियमित अंतराल पर सुरक्षा ऑडिट कराने तथा स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी कैमरों, पिंक बूथों और हॉस्टल की व्यवस्थाओं की निगरानी सुनिश्चित करने के सुझाव दिए। इसके अतिरिक्त, कॉलेज परिसरों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, छात्राओं के लिए हॉस्टल में सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन, डीटीसी एवं यूनिवर्सिटी स्पेशल बसों की कनेक्टिविटी, ई-रिक्शा के व्यवस्थित संचालन तथा शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण जैसे विषय भी उठाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्राओं की सुरक्षा के नाम पर उनकी गतिविधियों को अनावश्यक रूप से सीमित करने के बजाय ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना आवश्यक है, जिसमें वे शिक्षा, छात्र राजनीति और अन्य गतिविधियों में स्वतंत्र रूप से भाग ले सकें।
दिल्ली सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि संवाद किसी भी संवेदनशील और जवाबदेह शासन व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। जब छात्राओं को सीधे अपनी समस्याएं और सुझाव रखने का अवसर मिलता है, तो सरकार जमीनी परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझ पाती है। छात्राओं द्वारा उठाए गए मुद्दे केवल किसी एक कॉलेज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण, निर्बाध आवागमन और शिकायत निवारण व्यवस्था से जुड़े व्यापक विषय हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े सुझावों पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय करते हुए आवश्यक कदम उठाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। कॉलेजों के आसपास लाइट व्यवस्था, सार्वजनिक परिवहन, पुलिस की उपस्थिति और शिकायतों के निस्तारण जैसे विषयों पर भी गंभीरता से कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की बेटियों को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे बिना भय के शिक्षा प्राप्त कर सकें, अपने सपनों को साकार कर सकें और समाज के विकास में अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान दे सकें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्राओं की सक्रिय भागीदारी और उनके सुझाव दिल्ली में महिला सुरक्षा तथा कॉलेजों की सुविधाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। दिल्ली सरकार का संकल्प है कि हर बेटी को सुरक्षित वातावरण, सम्मानजनक अवसर और अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अधिकार मिले। 12 शब्दों में २-३ हेडिग दे ट्विट के लिए भी दे और टैग दे