पंजाब में नशे और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधा है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया कि राज्य में नशे का कारोबार, गैंगस्टरवाद, फिरौती और आपराधिक घटनाएं गंभीर चुनौती बन गई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब कभी अपनी वीरता, धार्मिक विरासत, खेल प्रतिभाओं और हरित क्रांति के लिए जाना जाता था, लेकिन आज उसकी पहचान नशे की समस्या से जुड़ती जा रही है। ढिल्लों ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए परमिंदर सिंह झोटा की हत्या की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।
दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब का इतिहास गौरवशाली रहा है। यह धरती गुरुओं और पैगंबरों की शिक्षाओं, देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीरों, खिलाड़ियों और कृषि क्षेत्र में योगदान के लिए पहचानी जाती रही है। हालांकि, उनके मुताबिक मौजूदा समय में नशे की समस्या ने राज्य की छवि को प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और आम लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
भाजपा नेता ने मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की वारदातें राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में आए दिन आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं और अपराधियों के हौसले बढ़े हुए हैं। उनके अनुसार, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है।
ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में समस्याएं केवल नशे तक सीमित नहीं हैं। गैंगस्टरवाद, कथित तौर पर फिरौती मांगने की घटनाएं, आर्थिक चुनौतियां और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल भी राज्य के सामने हैं। हालांकि, उन्होंने नशे को सबसे गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर पहले भी अभियान और यात्रा निकाल चुकी है। पार्टी का कहना है कि पंजाब को नशे के संकट से बाहर निकालने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी की सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि मृतक के पिता ने इस घटना के लिए स्थानीय विधायक पर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना जरूरी है। किसी भी व्यक्ति की भूमिका या जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी को पंजाब सरकार और राज्य पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है। इसी वजह से उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर मामले की जांच CBI से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केंद्रीय एजेंसी से जांच होने पर घटना से जुड़े तथ्यों को निष्पक्ष तरीके से सामने लाने में मदद मिल सकती है।
इस मामले ने पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों की सुरक्षा और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। भाजपा ने सरकार से जवाबदेही तय करने और नशे के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, हत्या के मामले में वास्तविक परिस्थितियों, आरोपों और जिम्मेदार लोगों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय रही है। ऐसे में परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद निष्पक्ष जांच, कानून के अनुसार कार्रवाई और नशे के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने की मांग एक बार फिर प्रमुखता से उठी है।