बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में तीन संदिग्धों को लेकर नई जानकारी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने तीनों को राजस्थान के कोटा से हिरासत में लिया है और उन्हें मुंबई लाया जा रहा है। इनमें दो युवक बालिग बताए जा रहे हैं, जबकि तीसरा नाबालिग है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर फायरिंग करने वाले इन युवकों ने किसके कहने पर वारदात को अंजाम दिया और इसके पीछे क्या मकसद था।
बताई गई जानकारी के अनुसार, पहला संदिग्ध 22 वर्षीय ऋतिक है, जो बिहार के बेगूसराय का रहने वाला बताया जा रहा है। जानकारी में दावा किया गया है कि वह मुंबई में रैपिडो के जरिए बाइक चलाकर लोगों को परिवहन सेवा देता था। उसका परिवार बिहार में रहता है, जबकि वह मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके में उर्दू स्कूल के पास रह रहा था। पुलिस जांच में उसके संपर्कों, गतिविधियों और कथित वारदात में उसकी भूमिका की पड़ताल की जा सकती है। हालांकि, उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
दूसरे संदिग्ध की उम्र 18 वर्ष बताई गई है। उसका नाम रेहान बताया जा रहा है और वह हरियाणा के सोनीपत जिले का निवासी है। तीसरा संदिग्ध भी सोनीपत का रहने वाला बताया गया है, लेकिन उसकी उम्र 18 वर्ष से कम है। नाबालिग होने के कारण उसके मामले में किशोर न्याय से जुड़े कानूनी प्रावधान लागू होंगे। पुलिस की ओर से तीनों की कथित भूमिका, आपसी संपर्क और वारदात से पहले की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या इन युवकों ने अपने स्तर पर हमला किया या किसी अन्य व्यक्ति अथवा गिरोह के निर्देश पर कथित फायरिंग को अंजाम दिया। पुलिस अब संभावित साजिश, आर्थिक लेन-देन, फोन संपर्क और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर सकती है। जांच में यह भी स्पष्ट करना होगा कि आरोपियों को अभिनेता की गतिविधियों की जानकारी कैसे मिली और उन्हें कथित तौर पर किसने निशाना बनाने के लिए कहा था। फिलहाल, हमले के पीछे किसी व्यक्ति या गिरोह की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पिछले कुछ वर्षों में कई चर्चित आपराधिक मामलों ने इस सवाल को प्रमुखता से उठाया है कि गंभीर वारदातों में कम उम्र के युवकों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है। अतीक अहमद और अशरफ की हत्या तथा बाबा सिद्दीकी की हत्या जैसे मामलों ने अपराध की दुनिया में कथित तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले शूटरों, आपराधिक नेटवर्क और साजिशकर्ताओं की भूमिका पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ी थी। हालांकि, प्रत्येक मामले के तथ्य और परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए इन घटनाओं को टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले के साथ सीधे जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।
कम उम्र के युवकों की कथित संलिप्तता का पहलू जांच एजेंसियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि क्या उन्हें किसी लालच, पैसे या दबाव के जरिए इस वारदात में शामिल किया गया था। इसके साथ ही यह भी जांचना होगा कि क्या उनके पीछे कोई संगठित आपराधिक नेटवर्क सक्रिय है। इन सवालों के जवाब मिलने पर ही कथित हमले की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, मुंबई पुलिस की जांच का केंद्र तीनों संदिग्धों की भूमिका और कथित साजिश के पीछे मौजूद लोगों की पहचान करना है। कोटा से मुंबई लाए जाने के बाद पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। आरोपियों को दोषी तभी माना जा सकता है, जब उनके खिलाफ आरोप कानूनी प्रक्रिया में साबित हों। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां इस मामले में कथित हमलावरों के पीछे मौजूद लोगों तक पहुंच पाती हैं या नहीं।