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इटली में हिंसा के बाद भारतीयों के लिए जारी हुई एडवाइजरी

मिलान समेत कई शहरों में विरोध-प्रदर्शनों के हिंसक होने से बढ़ी चिंता, भारतीय दूतावास ने लोगों को भीड़ और प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी

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Gauravshali Bharat News
  • October 20, 2026 8:00 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली : यूरोपीय देश इटली में बढ़ती महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। मिलान समेत कुछ शहरों में प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़पों, दुकानों में तोड़फोड़ और पुलिस के साथ टकराव की घटनाएं सामने आने के बाद भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने लोगों से सावधानी बरतने, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर रहने और उन स्थानों पर नहीं जाने की अपील की है जहां प्रदर्शन हो रहे हैं।

मिलान में प्रदर्शन के दौरान बिगड़े हालात

इटली के मिलान शहर में महंगाई और जीवनयापन की बढ़ती लागत के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। शुरुआत में विरोध-प्रदर्शन सामान्य तरीके से आगे बढ़ रहे थे, लेकिन कुछ स्थानों पर स्थिति बिगड़ गई और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच टकराव हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंकीं। इस दौरान दुकानों में लूटपाट, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आगजनी जैसी घटनाएं भी सामने आईं।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा। हिंसा के कारण मिलान के कुछ व्यस्त इलाकों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। कुछ दुकानदारों ने भी सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते अपनी दुकानें जल्दी बंद कर दीं। इन घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ा दी है। <a href=”https://apnews.com/article/aada57790a8d2d3c02ab55911b9ecead”>एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट</a> में भी मिलान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ झड़पों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं का उल्लेख किया गया है।

भारतीय दूतावास ने नागरिकों को क्या सलाह दी?

इटली में भारतीय दूतावास ने 19 अक्टूबर को जारी सुरक्षा संदेश में भारतीय नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। इसका उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना की आशंका के बीच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक सावधानियों से अवगत कराना है।

दूतावास की सलाह के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

– भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।

– जहां विरोध-प्रदर्शन हो रहे हों, उन इलाकों से दूरी बनाए रखें।

– स्थानीय समाचारों और प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर नजर रखें।

– किसी भी आपात स्थिति में भारतीय दूतावास या संबंधित वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें।

– स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक जोखिम न लें।

यह एडवाइजरी इटली में रहने वाले भारतीय नागरिकों के साथ-साथ वहां यात्रा कर रहे भारतीयों के लिए भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस सलाह को इटली की यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदर्शन प्रभावित क्षेत्रों में संभावित जोखिम से बचने के लिए लोगों को सतर्क करना है।

आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

भारतीय दूतावास ने आपात स्थिति में सहायता के लिए संपर्क नंबर भी साझा किए हैं। इटली में मौजूद भारतीय नागरिक जरूरत पड़ने पर इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण संपर्क विवरण:

– भारतीय दूतावास, रोम: +39 331 614 2085

– भारत का वाणिज्य दूतावास, मिलान: +39 388 164 7527

इन नंबरों को अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित रखना उपयोगी होगा। किसी आपात स्थिति में संपर्क करते समय अपना वर्तमान स्थान, समस्या का संक्षिप्त विवरण और संपर्क के लिए उपलब्ध फोन नंबर स्पष्ट रूप से बताएं। संपर्क विवरण का उपयोग करने से पहले भारतीय दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट या उसके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से नवीनतम जानकारी की पुष्टि कर लेना उचित रहेगा।

इटली में क्यों हो रहे हैं विरोध-प्रदर्शन?

इटली में हालिया विरोध-प्रदर्शनों के पीछे बढ़ती महंगाई, रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ता खर्च और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर असंतोष प्रमुख मुद्दों के रूप में सामने आए हैं। जब आम लोगों की आय की तुलना में आवास, परिवहन, भोजन और दूसरी आवश्यक वस्तुओं का खर्च बढ़ता है, तो इसका असर घरेलू बजट पर पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में नागरिक सरकार से राहत और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं की मांग करते हैं।

हालांकि, किसी मुद्दे पर विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान हिंसा, आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित होती है। इससे कारोबार, सार्वजनिक परिवहन और दैनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।

इटली में हाल की घटनाओं ने इसी अंतर को रेखांकित किया है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन और हिंसक गतिविधियों को एक जैसा नहीं माना जा सकता। प्रशासन के सामने एक ओर लोगों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की रक्षा करने और दूसरी ओर सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है।

प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने दिखाई सख्ती

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर कड़ा रुख अपनाया है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कानून-व्यवस्था संभालने वाले सुरक्षाकर्मियों के प्रति समर्थन जताया और कहा कि विरोध करने का अधिकार है, लेकिन शहरों को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।

हिंसक घटनाओं के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर उच्चस्तरीय बैठक भी की। ऐसे कदमों का उद्देश्य हिंसा पर नियंत्रण, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करना है। आगे प्रशासन क्या अतिरिक्त कदम उठाता है, इस पर भी नजर रहेगी।

यहां यह समझना जरूरी है कि प्रदर्शन के सभी प्रतिभागियों को हिंसा के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। किसी भी कार्रवाई का आधार संबंधित घटनाओं के प्रमाण और स्थानीय कानून होने चाहिए।

इटली जाने वाले भारतीयों के लिए जरूरी सावधानियां

इटली में रहने वाले भारतीयों और वहां जाने की योजना बना रहे यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले संबंधित शहर की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए। यदि किसी इलाके में प्रदर्शन या पुलिस की कार्रवाई चल रही हो, तो वहां जाने के बजाय वैकल्पिक रास्ता अपनाना बेहतर है।

यात्रियों को अपने होटल, परिवार या परिचितों के साथ यात्रा संबंधी जानकारी साझा रखनी चाहिए। पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल प्रतियां सुरक्षित रखना भी उपयोगी हो सकता है। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने से पहले उसकी स्थिति की पुष्टि करें और भीड़ वाले स्थानों पर वीडियो बनाने या घटनास्थल के करीब जाने से बचें।

यदि किसी क्षेत्र में अचानक हिंसा शुरू हो जाए, तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जाने के बजाय सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश करें। स्थानीय आपातकालीन सेवाओं और प्रशासन के निर्देशों को प्राथमिकता दें।

भारतीय नागरिकों को घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत

इटली में प्रदर्शन की खबरों के बीच भारतीय नागरिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो या संदेश को बिना पुष्टि के सही न मानें, क्योंकि पुरानी घटनाओं के वीडियो भी कई बार नई खबर बताकर साझा किए जाते हैं।

भारतीय दूतावास की एडवाइजरी का उद्देश्य नागरिकों को संभावित जोखिम से बचाना और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराना है। इसलिए वहां रह रहे भारतीयों को सलाह का पालन करना चाहिए तथा स्थिति सामान्य होने तक प्रदर्शन वाले इलाकों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।

निष्कर्ष: इटली के कुछ शहरों में विरोध-प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद भारतीय दूतावास ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। फिलहाल भारतीयों के लिए जरूरी है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों और प्रदर्शन प्रभावित क्षेत्रों से बचें, स्थानीय समाचारों पर नजर रखें और आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क करें। हालात से जुड़ी किसी भी नई जानकारी के लिए आधिकारिक सूचनाओं को प्राथमिकता देना सबसे सुरक्षित कदम होगा।

स्रोत: आकाशवाणी समाचार, भारतीय दूतावास की एडवाइजरी और एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट।

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