मां दुर्गा की भक्ति में भावुक हुए कल्याण बनर्जी, छलके आंसू

महाष्टमी पर संधि पूजा के दौरान मां दुर्गा की आराधना करते नजर आए तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी, पूजा के दौरान भावुक होकर की सभी के सुख-समृद्धि की कामना

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  • October 20, 2026 7:00 pm IST, Published 1 hour ago

कोलकाता/श्रीरामपुर। दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर से तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी का एक भावुक दृश्य सामने आया है। महाष्टमी के अवसर पर मां दुर्गा की आराधना और संधि पूजा के दौरान वह प्रार्थना करते नजर आए। पूजा के समय उनकी भावुकता ने लोगों का ध्यान खींचा। सामने आई तस्वीरों और वीडियो में वह मां दुर्गा के समक्ष हाथ जोड़कर प्रार्थना करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान उनकी आंखों से आंसू छलकते नजर आए।

यह दृश्य दुर्गा पूजा के धार्मिक और भावनात्मक महत्व को दर्शाता है। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक है। ऐसे में महाष्टमी और संधि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं का भावुक होना इस पर्व के प्रति उनकी गहरी आस्था को प्रदर्शित करता है।

महाष्टमी पर मां दुर्गा की आराधना में लीन दिखे सांसद

महाष्टमी को दुर्गा पूजा के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में गिना जाता है। इस दिन मंदिरों और पूजा पंडालों में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। इसी धार्मिक माहौल में सांसद कल्याण बनर्जी मां दुर्गा की प्रतिमाओं के सामने प्रार्थना करते दिखाई दिए।

सामने आए दृश्य में पूजा-अर्चना के दौरान पुरोहित धार्मिक अनुष्ठान करते नजर आते हैं, जबकि कल्याण बनर्जी हाथ जोड़कर मां के समक्ष प्रार्थना करते दिख रहे हैं। दूसरे दृश्य में वह हाथ उठाकर श्रद्धा व्यक्त करते दिखाई देते हैं। उनके भावुक होने का दृश्य सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और पोस्ट के माध्यम से लोगों तक पहुंचा है।

हालांकि, उनकी भावुकता के पीछे किसी विशेष व्यक्तिगत कारण की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इसलिए इसे उनके धार्मिक भाव और पूजा के दौरान दिखाई दी भावुकता के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

क्या है संधि पूजा, जिसका महाष्टमी पर होता है विशेष महत्व?

दुर्गा पूजा में संधि पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। परंपरा के अनुसार, यह अष्टमी तिथि के अंतिम 24 मिनट और नवमी तिथि के शुरुआती 24 मिनट के संधिकाल में की जाती है। इस प्रकार कुल 48 मिनट का यह समय विशेष पूजा-अर्चना के लिए निर्धारित माना जाता है। हालांकि, इसकी सटीक घड़ी-आधारित गणना स्थानीय पंचांग और तिथि के अनुसार बदलती है।

धार्मिक मान्यताओं में संधि पूजा को मां दुर्गा की शक्ति और महिषासुर सहित आसुरी शक्तियों के विरुद्ध देवी के पराक्रम से जुड़ी पौराणिक परंपराओं के संदर्भ में देखा जाता है। इस दौरान विशेष मंत्रोच्चार, पुष्प अर्पण, दीप प्रज्वलन और अन्य धार्मिक विधियां संपन्न की जाती हैं। अलग-अलग पूजा समितियों और परंपराओं के अनुसार अनुष्ठानों की व्यवस्था में अंतर हो सकता है।

संधि पूजा के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा पंडालों और मंदिरों में पहुंचते हैं। कई स्थानों पर ढाक की धुन, शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न होती है। यह वातावरण भक्तों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ता है और दुर्गोत्सव की धार्मिक भावना को और गहरा बनाता है।

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का सांस्कृतिक महत्व

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। कोलकाता से लेकर श्रीरामपुर और राज्य के अन्य हिस्सों तक पूजा समितियां आकर्षक पंडालों, कलात्मक प्रतिमाओं और पारंपरिक अनुष्ठानों के माध्यम से इस उत्सव को मनाती हैं। महालया से शुरू होने वाली उत्सव की तैयारियां महाष्टमी और महानवमी जैसे दिनों में विशेष उत्साह के साथ दिखाई देती हैं।

दुर्गा पूजा के दौरान लोग परिवार और मित्रों के साथ पूजा पंडालों में जाते हैं। धार्मिक अनुष्ठानों के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामुदायिक आयोजन और सामाजिक गतिविधियां भी उत्सव का हिस्सा होती हैं। यही कारण है कि यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ बंगाल की सांस्कृतिक पहचान से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।

ऐसे अवसरों पर जनप्रतिनिधियों की धार्मिक कार्यक्रमों में भागीदारी भी चर्चा का विषय बनती है। सांसद कल्याण बनर्जी का पूजा के दौरान भावुक दिखाई देना इसी संदर्भ में लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

प्रार्थना के दौरान छलके आंसू, मां से की मंगलकामना

सामने आई पोस्ट के विवरण के अनुसार, कल्याण बनर्जी हर साल मां दुर्गा की पूजा के दौरान भावुक हो जाते हैं। इस बार भी महाष्टमी पर संधि पूजा के दौरान वह मां के समक्ष प्रार्थना करते दिखाई दिए। पोस्ट में बताया गया है कि उन्होंने सभी के कल्याण और मंगल की कामना की।

धार्मिक अवसरों पर प्रार्थना करते समय भावुक होना अनेक श्रद्धालुओं के लिए आस्था की व्यक्तिगत अभिव्यक्ति हो सकती है। मां दुर्गा को शक्ति, साहस और संकटों से रक्षा की प्रतीक के रूप में पूजने वाले भक्त अपने परिवार और समाज के बेहतर भविष्य की कामना करते हैं। पूजा के दौरान दिखाई देने वाली ऐसी भावनाएं इस पर्व की आध्यात्मिक अनुभूति का हिस्सा हैं।

हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आए किसी दृश्य के आधार पर व्यक्ति की निजी भावनाओं या उनके पीछे के कारणों के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। इस मामले में भी उपलब्ध जानकारी पूजा के दौरान उनकी भावुकता और प्रार्थना तक सीमित है।

आस्था और परंपरा से जुड़ा दुर्गोत्सव

महाष्टमी और संधि पूजा का अवसर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। मां दुर्गा की आराधना के माध्यम से लोग शक्ति, साहस, सकारात्मकता और कल्याण की कामना करते हैं। कल्याण बनर्जी का पूजा के दौरान भावुक दिखाई देना इस धार्मिक माहौल की एक ऐसी झलक है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

दुर्गा पूजा का संदेश बुराई पर अच्छाई की विजय, अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और समाज में सद्भाव की भावना से भी जुड़ा है। इस पर्व के दौरान होने वाले अनुष्ठान और सामूहिक आयोजन लोगों को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ते हैं।

निष्कर्ष: महाष्टमी पर संधि पूजा के दौरान मां दुर्गा की आराधना करते हुए सांसद कल्याण बनर्जी की भावुकता चर्चा में है। सामने आए दृश्य में वह हाथ जोड़कर प्रार्थना करते नजर आते हैं। पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने सभी के कल्याण और मंगल की कामना की। यह दृश्य पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के धार्मिक महत्व और श्रद्धालुओं की आस्था की एक झलक प्रस्तुत करता है।

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