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नालंदा में घर के आगे बाइक लगाने पर ट्रांसपोर्टर की हत्या

सुनील कुमार पेशे से ट्रांसपोर्टर थे और गाजियाबाद में रहकर ट्रांसपोर्टिंग एजेंसी से जुड़े काम करते थे। उनके पास ट्रेलर भी था, जिसे वह परिवहन के काम में लगाते थे। बताया जा रहा है कि वह बिहार में भी अपना ट्रांसपोर्ट कारोबार शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। दुर्गापूजा के अवसर पर वह अपनी मां से मिलने गांव आए थे।

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  • October 21, 2026 12:40 pm IST, Published 1 hour ago

नालंदा: बिहार के नालंदा जिले के हरनौत में घर के दरवाजे के सामने संदिग्ध बाइक खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी वारदात में बदल गया। मंगलवार रात करीब 11:15 बजे पोरई मोहल्ले में 48 वर्षीय ट्रांसपोर्टर सुनील कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिजनों ने हत्या का आरोप उनके गोतिया परिवार के दो युवकों गौरव उर्फ छोटू और सौरभ उर्फ मंगला पर लगाया है। घटना के बाद से आरोपित पक्ष के लोगों के फरार होने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच और आरोपितों की तलाश में जुटी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद की शुरुआत सुनील कुमार के घर के दरवाजे के सामने दो संदिग्ध बाइक खड़ी करने को लेकर हुई थी। बताया जाता है कि गौरव और सौरभ ने वहां बाइक खड़ी की थी। सुनील कुमार ने इसका विरोध करते हुए दोनों से बाइक हटाने को कहा। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई। मामला शांत कराने के लिए नगर पंचायत के एक पार्षद को भी इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद बाइक हटाने पर सहमति बनी और लोगों को लगा कि विवाद समाप्त हो गया है।

हालांकि, कुछ देर बाद दोनों पक्षों के बीच फिर से कहासुनी शुरू हो गई। आसपास के लोग विवाद को सुलझाने के लिए मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और सुनील कुमार के सिर में गोली मार दी गई। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और मोहल्ले में तनाव का माहौल बन गया। मृतक के परिजनों ने गौरव उर्फ छोटू और सौरभ उर्फ मंगला पर वारदात में शामिल होने का आरोप लगाया है। परिजनों की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि दोनों युवकों की मां ने कट्टा निकालकर दिया और गोली चलाने के लिए उकसाया।  हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का अनुसंधान पूरा होने के बाद ही घटना में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। वारदात के बाद आरोपित पक्ष के लोगों के घर छोड़कर चले जाने की जानकारी मिली है।

सुनील कुमार पेशे से ट्रांसपोर्टर थे और गाजियाबाद में रहकर ट्रांसपोर्टिंग एजेंसी से जुड़े काम करते थे। उनके पास ट्रेलर भी था, जिसे वह परिवहन के काम में लगाते थे। बताया जा रहा है कि वह बिहार में भी अपना ट्रांसपोर्ट कारोबार शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। दुर्गापूजा के अवसर पर वह अपनी मां से मिलने गांव आए थे। उनकी दो संतानें हैं और परिवार में बेटी की शादी को लेकर भी बातचीत चल रही थी। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

हत्या की सूचना मिलने के बाद डीएसपी राकेश रंजन घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस वारदात के समय मौजूद लोगों से पूछताछ करने के साथ घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विवाद किस तरह बढ़ा और गोली चलाने के पीछे तत्काल कारण क्या था।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपित युवकों के खिलाफ पहले भी थाने में कई प्राथमिकी दर्ज होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। फिलहाल पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी और वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए कार्रवाई कर रही है। पुलिस जांच के बाद ही हत्या से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

 

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