मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले ने फिल्म इंडस्ट्री और पुलिस महकमे में हलचल मचा दी। शुरुआती तौर पर यह घटना दो हमलावरों तक सीमित नजर आ रही थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कथित साजिश में सात लोगों की भूमिका सामने आई। पुलिस ने तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा से और चार अन्य को दिल्ली तथा हरियाणा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमले की योजना किसने बनाई और इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की क्या भूमिका थी।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक उर्फ रोशन, रेहान, फूल सिंह, कुणाल, सुमित, राधा और बबीता के रूप में हुई है। ऋतिक की उम्र 22 साल बताई गई है। वह बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है और मुंबई में रैपिडो बाइक चलाता था। रेहान 17 साल का है और हरियाणा के सोनीपत जिले के बड़ौदा थूथन गांव का निवासी बताया गया है। तीसरे आरोपी फूल सिंह की उम्र 18 साल है और वह भी सोनीपत का रहने वाला है। इन तीनों को पुलिस ने राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया था।
जांच में सामने आए अन्य आरोपियों में कुणाल और सुमित को कथित साजिश में अहम भूमिका निभाने वाला बताया गया है। कुणाल की उम्र 21 साल है और वह सोनीपत जिले के रोहणा गांव का निवासी है। वहीं, 19 वर्षीय सुमित सोनीपत के मटिंडू रोड स्थित वार्ड नंबर 10 का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने कथित तौर पर हथियारों का इंतजाम किया था। इसके बाद हथियारों को राधा और बबीता तक पहुंचाया गया, जिन पर इन्हें मुंबई ले जाने का आरोप है।
पुलिस जांच के मुताबिक, कुणाल का संपर्क अनिल पंडित नामक व्यक्ति से था, जिसे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा बताया गया है। कथित तौर पर कुणाल की मुलाकात अनिल पंडित से हरसाना गांव में रहने वाले एक परिचित के माध्यम से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच एक एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए बातचीत होने लगी। पुलिस के अनुसार, कुणाल हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था। आरोप है कि वह अनिल पंडित के कहने पर अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस लेकर आया था। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में अलग-अलग आरोपियों की भूमिका और कथित नेटवर्क की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है।
इस मामले में राधा और बबीता की भूमिका भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस के मुताबिक, 23 वर्षीय राधा उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के नहवइया की रहने वाली है, जबकि 23 वर्षीय बबीता आजमगढ़ जिले के कोठियार की निवासी बताई गई है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि दोनों 17 अक्टूबर को मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन पहुंचीं और एक होटल में ठहरी थीं। अगले दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास पहुंचा, जहां कथित तौर पर राधा ने उसे हथियारों से भरा बैग सौंपा।
पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई। घटना के बाद उसी दिन राधा और बबीता हरिद्वार एक्सप्रेस से मुंबई से रवाना हो गईं। जांचकर्ताओं का दावा है कि 20 अक्टूबर को दोनों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। दूसरी ओर, कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से पकड़ा गया। बाद में सभी आरोपियों को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया। अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि हमले के पीछे असली मकसद क्या था, हथियार कहां से आए और कथित साजिश में अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं। मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाले कानूनी परीक्षण के बाद ही होगी।