मेरठः उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित नीले ड्रम और सांप कांड से जुड़े दो हत्याकांडों में फांसी की सजा पाए चारों दोषियों को दूसरी जेलों में स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू हो गई है। जेल प्रशासन ने इस संबंध में लखनऊ स्थित डीजी जेल कार्यालय को पत्र भेजकर आगे की प्रक्रिया शुरू करने की पहल की है। प्रस्ताव के अनुसार, सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी मुस्कान और साहिल को अलग-अलग जेलों में भेजने कीयोजना है। वहीं, अमित कश्यप हत्याकांड में दोषी रविता और अमरदीप को भी वर्तमान जेल से दूसरी जेलों में स्थानांतरित किया जाएगा।
जेल प्रशासन की ओर से तैयार प्रस्ताव में चारों दोषियों को दो अलग-अलग स्थानों पर भेजने की बात कही गई है। इसके तहत मुस्कान औररविता को लखनऊ स्थित महिला जेल में भेजने की तैयारी है, जबकि साहिल और अमरदीप को आगरा जेल स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है।हालांकि, अभी इस संबंध में अंतिम आदेश जारी होने और स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है।
प्रस्तावित बदलाव के पीछे जेलों में बंद कैदियों के प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गंभीर अपराधों में सजा पाए कैदियों को एक जेल से दूसरी जेल में भेजने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना पड़ता है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की मंजूरी, दूसरी जेल में उपलब्ध जगह और आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करना जरूरी होता है। ऐसे में चारोंदोषियों की शिफ्टिंग तत्काल होने के बजाय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संभव होगी।
सौरभ राजपूत हत्याकांड ने मेरठ ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में काफी चर्चा बटोरी थी। इस मामले में मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराए जाने केबाद अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी। घटना से जुड़े तथ्यों और मामले की परिस्थितियों को लेकर लंबे समय तक चर्चा होती रही।अब दोनों दोषियों को अलग-अलग जेलों में भेजने की तैयारी ने इस मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
इसी तरह अमित कश्यप हत्याकांड में दोषी ठहराए गए रविता और अमरदीप को भी दूसरी जेलों में भेजने की योजना बनाई गई है। प्रस्ताव केअनुसार, रविता को लखनऊ की महिला जेल और अमरदीप को आगरा जेल भेजा जाना है। इस व्यवस्था के तहत महिला और पुरुष दोषियों कोसंबंधित जेलों में स्थानांतरित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। हालांकि, इस प्रस्ताव के पीछे के विस्तृत प्रशासनिक कारणों को लेकरअभी आधिकारिक स्तर पर अधिक जानकारी सामने नहीं आई है।
जेल प्रशासन ने स्थानांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए डीजी जेल, लखनऊ को पत्र भेज दिया है। अब आगे की कार्रवाई संबंधितअधिकारियों के निर्णय और निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी। दूसरी जेलों में पर्याप्त स्थान उपलब्ध होने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्थाऔर अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का आकलन भी इस प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जेल बदलने की तैयारी और सजा के अंतिम क्रियान्वयन के बीच अंतर है। फांसी की सजा पाए दोषियों को दूसरी जेल में भेजने का प्रस्ताव अपने आप में सजा पर अमल किए जाने का संकेत नहीं है। ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया और लागू कानूनी प्रावधानों का पालन आवश्यक होता है। इसलिए चारों दोषियों के स्थानांतरण को फिलहाल जेल प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
फिलहाल, मेरठ के इन दोनों चर्चित हत्याकांडों में दोषी ठहराए गए चारों लोगों को दूसरी जेलों में भेजने की तैयारी जारी है। मुस्कान और रविता को लखनऊ, जबकि साहिल और अमरदीप को आगरा जेल भेजने का प्रस्ताव रखा गया है। अब आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित अधिकारियों की मंजूरी कब मिलती है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दूसरी जेलों में स्थान उपलब्ध होता है या नहीं।