भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया (यूएमआई) कॉन्फ्रेंस की शुरुआत के साथ शहरी परिवहन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) की उपलब्धियां भी चर्चा में आईं। 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस सम्मेलन में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री तोखन साहू ने यूपीएमआरसी के प्रदर्शनी स्टॉल का उद्घाटन किया। इस दौरान लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो की परियोजनाओं, यात्री सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम में यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। स्टॉल के निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से मेट्रो नेटवर्क के विकास, यात्रियों की सुविधा और परिवहन के विभिन्न साधनों को आपस में जोड़ने की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने लखनऊ, कानपुर और आगरा में सुरक्षित, टिकाऊ तथा सभी वर्गों के लिए सुलभ मेट्रो सेवाएं विकसित करने के प्रयासों की सराहना की। इस वर्ष सम्मेलन में मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन यानी परिवहन के अलग-अलग साधनों के बीच बेहतर तालमेल और आसान कनेक्टिविटी पर विशेष जोर दिया गया। इसका उद्देश्य यात्रियों को रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और परिवहन के अन्य माध्यमों के बीच सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना है। यूपीएमआरसी के स्टॉल पर इसी अवधारणा को परियोजनाओं और मॉडलों के जरिए समझाया गया।
प्रदर्शनी में आगरा कैंट मेट्रो स्टेशन का प्रस्तावित स्वरूप विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। स्टॉल पर आगरा कैंट रेलवे स्टेशन और भविष्य में विकसित होने वाले मेट्रो स्टेशन के बीच कनेक्टिविटी की योजना को दर्शाया गया। इस मॉडल के जरिए बताया गया कि दोनों परिवहन व्यवस्थाओं को इस तरह जोड़ने की योजना है, जिससे यात्रियों को एक माध्यम से दूसरे माध्यम तक पहुंचने में कम परेशानी हो। योजना के अनुसार, आगरा कैंट मेट्रो स्टेशन को रेलवे स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म से फुट ओवरब्रिज के माध्यम से जोड़ने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे यात्रियों को मेट्रो से उतरने के बाद अपने निर्धारित रेल प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में सुविधा मिल सकेगी। इसी तरह रेलवे से आने वाले यात्री भी मेट्रो सेवा का इस्तेमाल अधिक आसानी से कर सकेंगे। इस तरह की कनेक्टिविटी से यात्रियों के समय की बचत और परिवहन के विभिन्न साधनों के बीच बेहतर समन्वय में मदद मिलने की उम्मीद है।

यूपीएमआरसी के पवेलियन में लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो के ट्रेन मॉडल भी प्रदर्शित किए गए। इसके साथ ही यात्री सेवाओं में किए जा रहे सुधार, पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहल, आधुनिक मेट्रो अवसंरचना और आगामी विस्तार योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रदर्शनी का उद्देश्य मेट्रो सेवाओं के विकास और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाने के प्रयासों को सामने लाना है।
अर्बन मोबिलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस का आयोजन आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से किया जाता है। यह मंच शहरी परिवहन से जुड़े नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों, सरकारी संस्थाओं और अन्य हितधारकों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर देता है। सम्मेलन में टिकाऊ परिवहन व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, आधुनिक तकनीक और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाता है।
यूपीएमआरसी की भागीदारी इस बात को रेखांकित करती है कि मेट्रो परियोजनाओं का विकास केवल नए मार्ग और स्टेशन बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें शहर की मौजूदा परिवहन व्यवस्था से जोड़ना भी महत्वपूर्ण है। आगरा कैंट स्टेशन का प्रस्तावित मॉडल इसी दिशा में एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। रेलवे और मेट्रो के बीच बेहतर तालमेल से यात्रियों को एकीकृत परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

सम्मेलन में प्रदर्शित योजनाएं उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ, पर्यावरण के अनुकूल और सुविधाजनक बनाने के प्रयासों को सामने लाती हैं। खास तौर पर आगरा कैंट रेलवे स्टेशन और मेट्रो स्टेशन के प्रस्तावित एकीकरण से यात्रियों को भविष्य में मिलने वाली सुविधाओं की झलक देखने को मिली।