चंबा में मिलीं 57 करोड़ वर्ष पुरानी चट्टानें

वैनेडियम की संभावनाओं पर वैज्ञानिकों की नजर चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की पहाड़ियों में मौजूद प्राचीन चट्टानें इन दिनों वैज्ञानिकों के शोध का केंद्र बनी हुई हैं। लगभग 570 मिलियन वर्ष यानी 57 करोड़ वर्ष पुरानी बताई जा रही इन चट्टानों के नमूनों ने लोगों और विद्यार्थियों की जिज्ञासा बढ़ा दी है। ऐतिहासिक […]

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  • October 24, 2026 10:17 am IST, Published 27 minutes ago

वैनेडियम की संभावनाओं पर वैज्ञानिकों की नजर

चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की पहाड़ियों में मौजूद प्राचीन चट्टानें इन दिनों वैज्ञानिकों के शोध का केंद्र बनी हुई हैं। लगभग 570 मिलियन वर्ष यानी 57 करोड़ वर्ष पुरानी बताई जा रही इन चट्टानों के नमूनों ने लोगों और विद्यार्थियों की जिज्ञासा बढ़ा दी है। ऐतिहासिक चौगान में आयोजित आत्मनिर्भर भारत की तीन दिवसीय विशाल प्रदर्शनी में इन चट्टानों को प्रदर्शित किया गया है। इनकी भूगर्भीय संरचना और संभावित खनिज संपदा को लेकर वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं।

इन चट्टानों की खासियत केवल इनकी प्राचीनता तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके भीतर महत्वपूर्ण खनिजों की मौजूदगी की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के छह विशेषज्ञ पिछले दो वर्षों से चंबा के विभिन्न क्षेत्रों में वैनेडियम खनिज की संभावनाओं का अध्ययन कर रहे हैं।

हालांकि, इन चट्टानों में खनिजों की वास्तविक मात्रा और आर्थिक उपयोगिता को लेकर अभी वैज्ञानिक परीक्षण महत्वपूर्ण होंगे। शोध के नतीजों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन क्षेत्रों में खनिज संसाधनों की कितनी संभावनाएं मौजूद हैं।

57 करोड़ वर्ष पुरानी चट्टानों ने बढ़ाई उत्सुकता

प्रदर्शनी में कैला क्षेत्र से प्राप्त चट्टानों के नमूने विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। लगभग 570 मिलियन वर्ष पुरानी बताई जा रही इन चट्टानों की संरचना धरती के प्राचीन भूगर्भीय इतिहास को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वैज्ञानिकों के लिए ऐसी चट्टानों का अध्ययन इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि इनके माध्यम से पृथ्वी की पुरानी संरचनाओं, खनिज निर्माण की प्रक्रियाओं और विभिन्न भूगर्भीय परिवर्तनों के बारे में जानकारी मिल सकती है।

चट्टानों की जांच से यह पता लगाने में भी मदद मिल सकती है कि संबंधित क्षेत्र में कौन-कौन से खनिज मौजूद हैं और उनका संभावित संकेंद्रण कितना है। इसी उद्देश्य से चंबा के अलग-अलग क्षेत्रों से नमूने एकत्र कर उनका अध्ययन किया जा रहा है।

वैनेडियम खनिज की संभावनाओं पर शोध

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के विशेषज्ञ चंबा जिले में वैनेडियम की संभावनाओं को लेकर शोध कर रहे हैं। वैनेडियम एक महत्वपूर्ण धातु है, जिसका उपयोग इस्पात को मजबूत बनाने, विशेष मिश्रधातुएं तैयार करने और ऊर्जा भंडारण से जुड़ी कुछ बैटरी तकनीकों में किया जाता है।

यदि वैज्ञानिक जांच में किसी क्षेत्र में वैनेडियम का पर्याप्त और आर्थिक रूप से उपयोगी भंडार मिलता है, तो भविष्य में यह औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि, केवल चट्टानों की प्राचीनता या उनमें कुछ खनिजों की मौजूदगी से बड़े भंडार की पुष्टि नहीं की जा सकती।

इसके लिए विस्तृत भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, नमूनों का प्रयोगशाला परीक्षण, खनिजों की मात्रा का आकलन और आर्थिक व्यवहार्यता का अध्ययन आवश्यक होता है।

कई क्षेत्रों से जुटाए जा रहे चट्टानों के नमूने

चंबा जिले के कैला-चकोली, कुठेड़ और माणी से लेकर भदल क्षेत्र तक प्राप्त चट्टानों के नमूनों का अध्ययन किया जा रहा है। इन क्षेत्रों की भूगर्भीय संरचना और खनिज संबंधी विशेषताओं को समझने के लिए वैज्ञानिक अलग-अलग नमूनों का परीक्षण कर रहे हैं।

इस शोध से क्षेत्र की भूवैज्ञानिक विशेषताओं के बारे में नई जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। साथ ही, यदि खनिजों की मौजूदगी की पुष्टि होती है, तो भविष्य में संबंधित क्षेत्रों में विस्तृत सर्वेक्षण की संभावनाएं भी बन सकती हैं।

आत्मनिर्भर भारत प्रदर्शनी में दिखी वैज्ञानिक शोध की झलक

ऐतिहासिक चौगान में आयोजित तीन दिवसीय आत्मनिर्भर भारत प्रदर्शनी में चट्टानों के नमूनों को देखने के लिए लोगों और विद्यार्थियों में उत्सुकता दिखाई दे रही है। प्रदर्शनी के दूसरे दिन हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता उपस्थित रहे। वहीं, 25 अक्टूबर को कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज के भी विशेष रूप से शामिल होने का कार्यक्रम बताया गया है।

प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को क्षेत्र की भूगर्भीय संपदा, वैज्ञानिक अनुसंधान और खनिज संसाधनों की संभावनाओं से परिचित होने का अवसर मिल रहा है।

चंबा की इन प्राचीन चट्टानों पर जारी शोध से भविष्य में क्षेत्र की भूवैज्ञानिक संरचना और खनिज संसाधनों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल, वैज्ञानिक परीक्षणों के परिणामों का इंतजार है, जिनसे वैनेडियम सहित अन्य खनिजों की वास्तविक संभावनाओं का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।

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