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माइक्रोसॉफ्ट का 60 हजार कर्मचारियों को स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का ऑफर

भारत में 23 हजार कर्मचारी 1 दिसंबर तक करना होगा फैसला, नौकरी छोड़ने वालों को मिलेगा आर्थिक पैकेज; एआई पर बढ़ते खर्च और कारोबारी बदलावों के बीच कंपनी की नई पहल नई दिल्ली। दुनिया की प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने की योजना पेश की […]

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  • October 27, 2026 7:44 am IST, Published 2 hours ago

भारत में 23 हजार कर्मचारी

1 दिसंबर तक करना होगा फैसला, नौकरी छोड़ने वालों को मिलेगा आर्थिक पैकेज; एआई पर बढ़ते खर्च और कारोबारी बदलावों के बीच कंपनी की नई पहल

नई दिल्ली। दुनिया की प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने की योजना पेश की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत करीब 60 हजार कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया गया है। यह पहल भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में कंपनी के पात्र कर्मचारियों पर लागू होगी। भारत में माइक्रोसॉफ्ट के लगभग 23 हजार कर्मचारी हैं, हालांकि देश में इस योजना के तहत कितने कर्मचारियों को प्रस्ताव मिलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पात्र भारतीय कर्मचारियों को योजना पर अपना फैसला लेने के लिए 1 दिसंबर तक का समय दिया गया है। नौकरी छोड़ने का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को आर्थिक सहायता के साथ करियर में आगे बढ़ने के लिए कुछ सुविधाएं भी दी जाएंगी।

किन विभागों के कर्मचारी होंगे पात्र?

माइक्रोसॉफ्ट की यह योजना कंपनी के कई विभागों के कर्मचारियों के लिए है। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े अनुभव, कोपायलट, वित्त, मानव संसाधन, एक्सबॉक्स और विंडोज एवं डिवाइस जैसे विभाग शामिल हैं।

हालांकि, कंपनी के सभी विभागों के कर्मचारियों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डेटा सेंटर, बिक्री और विपणन विभाग में काम करने वाले कर्मचारी इस प्रस्ताव से बाहर रखे गए हैं। पात्रता से जुड़ी अन्य शर्तें संबंधित कर्मचारियों पर लागू होंगी।

कंपनी ने क्यों दिया नौकरी छोड़ने का विकल्प?

माइक्रोसॉफ्ट की कार्यकारी उपाध्यक्ष एमी कोलमैन ने अपने ब्लॉग पोस्ट में बताया कि यह सीमित समय के लिए शुरू की गई पहल है। इसका उद्देश्य उन कर्मचारियों को अधिक विकल्प देना है, जो कंपनी से बाहर करियर के नए अवसर तलाश रहे हैं।

कंपनी के मुताबिक, इस योजना से संबंधित विभागों को भी अपनी बदलती कारोबारी जरूरतों के अनुसार कर्मचारियों की संख्या और कार्यप्रणाली तय करने में मदद मिलेगी। साथ ही, कंपनी कर्मचारियों को नए कौशल सीखने और संगठन के भीतर दूसरी भूमिकाओं में अवसर तलाशने के लिए सहायता देती रहेगी।

नौकरी छोड़ने पर क्या मिलेगा?

योजना के तहत नौकरी छोड़ने का विकल्प चुनने वाले पात्र कर्मचारियों को कंपनी की सामान्य सेवा समाप्ति व्यवस्था के समान आर्थिक पैकेज दिया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसमें नौकरी के प्रत्येक पूरे वर्ष के लिए एक महीने के मूल वेतन के बराबर राशि शामिल होगी।

इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा और करियर परिवर्तन में सहायता देने वाली सेवाएं भी मिल सकती हैं। हालांकि, वास्तविक लाभ और भुगतान की शर्तें कर्मचारी की पात्रता तथा कंपनी की योजना के नियमों पर निर्भर करेंगी।

पहले भी कर्मचारियों की संख्या घटा चुकी है कंपनी

माइक्रोसॉफ्ट ने इससे पहले भी कर्मचारियों की संख्या में कटौती की है। खबर में दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी ने इसी साल जुलाई में 4,800 कर्मचारियों को नौकरी से हटाया था। उस समय कंपनी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े बुनियादी ढांचे पर बढ़ते खर्च और कामकाज में दक्षता बढ़ाने की जरूरत को महत्वपूर्ण कारण बताया था।

इससे पहले अमेरिका में कंपनी ने अपने कर्मचारियों के एक हिस्से को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव भी दिया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उस योजना के लिए पात्र कर्मचारियों में से लगभग 30 प्रतिशत ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना था।

एआई के दौर में बदल रही है तकनीकी कंपनियों की रणनीति

माइक्रोसॉफ्ट सहित कई बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड सेवाओं और नए डिजिटल उत्पादों पर निवेश बढ़ा रही हैं। ऐसे में कंपनियां अपने खर्च, कर्मचारियों की जरूरतों और कामकाज के तरीकों की समीक्षा कर रही हैं।

माइक्रोसॉफ्ट की नई योजना भी इसी बदलते कारोबारी माहौल के बीच सामने आई है। हालांकि, स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने के प्रस्ताव को सभी कर्मचारियों की अनिवार्य छंटनी नहीं माना जाना चाहिए। इस योजना में पात्र कर्मचारियों को स्वयं विकल्प चुनने का अवसर दिया जा रहा है।

भारत में इस योजना से कितने कर्मचारी प्रभावित होंगे और कितने लोग नौकरी छोड़ने का निर्णय लेंगे, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल पात्र कर्मचारियों के पास निर्धारित समयसीमा के भीतर फैसला लेने का विकल्प है।

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