नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर तटीय राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। तूफान के बुधवार को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका के मद्देनजर ओडिशा और आंध्र प्रदेश में एहतियाती कदम उठाए गए हैं। दोनों राज्यों में कई स्थानों पर स्कूल बंद कर दिए गए हैं। समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक लगाने के साथ ही राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है।
मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी मौसम को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
चक्रवात से संभावित नुकसान को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए 20 जिलों को 27 करोड़ रुपये जारी किए हैं। राज्य में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 15 टीमें तैनात की गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखने और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं की आशंका के मद्देनजर मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
चक्रवात के खतरे को देखते हुए ओडिशा में भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। प्रशासन ने प्रभावित हो सकने वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया है। स्कूलों को बंद रखने का फैसला भी इसी तैयारी का हिस्सा है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मंगलवार तक सभी स्कूल बंद रखने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों की ओर से मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अलावा तेलंगाना, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और कुछ स्थानों पर जनजीवन बाधित होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियां संभावित परिस्थितियों से निपटने की तैयारी में जुटी हैं।
दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश में सुबह, शाम और रात के समय ठंड बढ़ने लगी है। प्रदेश के 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है।
लाहौल-स्पीति जिले के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 2.5 डिग्री सेल्सियस और केलांग में माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में गिरावट के कारण ठंड का असर बढ़ रहा है।
प्रशासन की अपील: चक्रवात और भारी बारिश की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने, समुद्र तटों से दूर रहने और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।