सीतापुर में तालाब में डूबी कार से मिले 3 कारोबारियों के शव

बेटे का हादसा सुनकर बहराइच गए थे पिता क्रेन की मदद से तालाब से निकाली गई कार, दो शव आगे और एक पीछे की सीट पर मिला; पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर हादसे की जांच में जुटी सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। कमलापुर थाना क्षेत्र के पंचपीर गांव […]

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  • October 27, 2026 10:31 am IST, Published 3 hours ago

बेटे का हादसा सुनकर बहराइच गए थे पिता

क्रेन की मदद से तालाब से निकाली गई कार, दो शव आगे और एक पीछे की सीट पर मिला; पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर हादसे की जांच में जुटी

सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। कमलापुर थाना क्षेत्र के पंचपीर गांव में तालाब में डूबी कार के अंदर तीन कारोबारियों के शव मिले। तीनों आपस में दोस्त थे और एक कारोबारी के बेटे का सड़क हादसा होने के बाद उसे देखने बहराइच गए थे। वापस लौटते समय उनकी कार अनियंत्रित होकर तालाब में गिर गई। शुरुआती जांच में तीनों की मौत डूबने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

क्रेन की मदद से तालाब से निकाली गई कार

घटना जिला मुख्यालय से करीब 42 किलोमीटर दूर पंचपीर गांव की है। सोमवार देर रात ड्यूटी से घर लौट रहे कुछ ग्रामीणों ने तालाब में कोई चीज तैरती हुई देखी। टॉर्च की रोशनी डालने पर उन्हें कार की छत दिखाई दी। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। क्रेन की मदद से तालाब में डूबी कार को बाहर निकाला गया। कार के अंदर तीन लोगों के शव मिले। इनमें दो शव आगे की सीटों पर और एक शव पीछे की सीट पर था।

कार में मिले दस्तावेजों के आधार पर मृतकों की पहचान राकेश चौरसिया (50), सतीश निर्मल (40) और रामेंद्र सिंह (62) के रूप में हुई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बेटे का एक्सीडेंट होने पर बहराइच गए थे राकेश

जानकारी के मुताबिक, सिधौली निवासी राकेश चौरसिया के बेटे मोहन का रविवार दोपहर करीब चार बजे बहराइच में सड़क हादसा हो गया था। हादसे में उसे हल्की चोटें आई थीं। बेटे के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर मिलने पर राकेश उसे देखने और घर लाने के लिए बहराइच जाने की तैयारी करने लगे।

जब उन्होंने अपने पड़ोसी सतीश निर्मल और अटरिया निवासी रामेंद्र सिंह को इसकी जानकारी दी, तो दोनों ने भी उनके साथ जाने की इच्छा जताई। इसके बाद रविवार शाम करीब पांच बजे तीनों सतीश की आल्टो कार से बहराइच के लिए रवाना हो गए।

बताया जाता है कि तीनों रात में बहराइच पहुंच गए थे। इस बीच राकेश का बेटा मोहन अपने एक दोस्त के साथ देर रात घर लौट आया। उसने परिजनों को बताया कि उसके पिता को कुछ काम होने के कारण देर से निकलना पड़ा।

फोन बंद होने पर परिवार ने दर्ज कराई गुमशुदगी

देर रात तक तीनों कारोबारियों के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। उन्होंने तीनों से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी से बात नहीं हो सकी। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे तक मोबाइल फोन बंद मिलने पर परिजनों ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

इसके बाद पुलिस ने सिधौली से बहराइच के बीच के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान घर से करीब 20 किलोमीटर दूर कंदुनी फैक्ट्री के सीसीटीवी कैमरे में उनकी कार घर की दिशा में जाती दिखाई दी।

पुलिस ने इसके बाद फैक्ट्री से घर के बीच के रास्ते पर तलाश अभियान चलाया। मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन भी खंगाली गई, जो खुर्द गांव के पास मिली।

पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच

इसी दौरान सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे पंचपीर गांव के लोगों ने तालाब में कार गिरने की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बचाव दल की मदद से कार बाहर निकलवाई, जिसके अंदर तीनों कारोबारियों के शव मिले।

कमलापुर थाना प्रभारी निरीक्षक अतुल चौधरी के मुताबिक, तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कार किस परिस्थिति में तालाब तक पहुंची और हादसा कैसे हुआ।

फिलहाल शुरुआती जांच में डूबने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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