मृतक की पत्नी के मुताबिक, सुबह परिवार को जल्दी मंदिर के लिए निकलना था। इसी कारण रणदीप अपने बेटे को लेकर बालकनी में फूल तोड़ने गए थे। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि बारिश के कारण बालकनी का फर्श गीला था। फूल तोड़ने के दौरान वहां रखी सीढ़ी से संतुलन बिगड़ने और फिसलने की आशंका जताई जा रही है। इसी दौरान पिता और बेटा 23वीं मंजिल से नीचे गिर गए। हादसे की आवाज सुनकर सोसाइटी के लोग मौके पर पहुंचे। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने तत्काल मदद की कोशिश की। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके। एक ही परिवार के दो सदस्यों की इस तरह मौत होने की खबर फैलते ही सोसाइटी में शोक का माहौल बन गया। आसपास रहने वाले लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा है। हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और पिता-पुत्र किस तरह बालकनी से नीचे गिरे, इसकी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस परिवार के सदस्यों से भी घटना के संबंध में जानकारी ले रही है। साथ ही मौके की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है। इस घटना ने ऊंची इमारतों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से बारिश के दौरान बालकनी और खुले स्थानों पर फिसलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सीढ़ी या अन्य साधनों का इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।
ऊंची मंजिलों पर छोटी-सी चूक भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। रणदीप पात्रा और उनके बेटे आरव की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस सुबह परिवार खाटू श्याम मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाने की तैयारी कर रहा था, उसी सुबह घर के दो सदस्यों की असमय मौत हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।