नयी दिल्लीः पूर्व प्रधानमंत्री और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 42वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर नई दिल्ली स्थित शक्ति स्थल पर विशेष श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया, जहां कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं ने इंदिरा गांधी को नमन किया और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद किया।
शक्ति स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने इंदिरा गांधी के व्यक्तित्व, राजनीतिक नेतृत्व और देश के लिए किए गए कार्यों को स्मरण किया। इस दौरान उनके जीवन से जुड़े संघर्षों, फैसलों और राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उल्लेख किया गया। कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि कार्यक्रम का वीडियो साझा किया। पार्टी की ओर से कहा गया कि इंदिरा गांधी का साहस, मजबूत नेतृत्व और भारत की एकता, अखंडता तथा प्रगति के लिए उनका समर्पण हमेशा याद किया जाता रहेगा।
इंदिरा गांधी भारतीय राजनीति की ऐसी शख्सियत रही हैं, जिनका कार्यकाल और राजनीतिक जीवन देश के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश का नेतृत्व किया। उनके प्रधानमंत्री रहते भारत ने राजनीतिक, आर्थिक, सामरिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण पड़ाव देखे। उनके नेतृत्व में लिए गए फैसलों ने देश की राजनीति और विकास की दिशा पर गहरा प्रभाव छोड़ा। उनके समर्थक उन्हें दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक नेतृत्व वाली नेता के रूप में याद करते हैं, वहीं उनके राजनीतिक जीवन के कुछ फैसलों पर आज भी अलग-अलग विचार सामने आते हैं। इसके बावजूद भारतीय इतिहास में उनका स्थान महत्वपूर्ण बना हुआ है।
A symbol of indomitable courage, unwavering resolve and visionary leadership, Smt. Indira Gandhi’s immense contributions to building a strong and progressive India remain an enduring legacy.
Her supreme sacrifice for the unity and integrity of our nation will forever be etched in our collective memory.
📍Shakti Sthal
— Mallikarjun Kharge (@kharge) October 31, 2026
पुण्यतिथि के अवसर पर प्रियंका गांधी ने भी अपनी दादी इंदिरा गांधी को भावुक अंदाज में याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर बचपन की एक श्वेत-श्याम तस्वीर साझा की, जिसमें वह अपनी दादी के साथ नजर आ रही हैं। तस्वीर के साथ प्रियंका गांधी ने उनके व्यक्तित्व का वर्णन करते हुए उन्हें आकाश की तरह स्वतंत्र, समुद्र की तरह गहरा, धरती की तरह सहनशील और अग्नि की तरह तेजस्वी बताया। उनकी इस पोस्ट में दादी के प्रति प्रेम, सम्मान और उनके व्यक्तित्व से जुड़ी यादें साफ तौर पर दिखाई दीं।
वहीं, राहुल गांधी ने भी अपनी दादी को याद करते हुए बचपन की एक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में वह इंदिरा गांधी की गोद में बैठे दिखाई दे रहे हैं। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में बचपन की उस स्मृति का जिक्र किया, जब वह अपनी दादी के हाथ थामकर उनके पीछे-पीछे प्रार्थना के शब्द दोहराया करते थे। उन्होंने उपनिषद के प्रसिद्ध शांति मंत्र ‘असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय’ का उल्लेख करते हुए लिखा कि उनकी दादी ने उन्हें कितना सुंदर उपहार दिया था। राहुल की इस भावुक अभिव्यक्ति ने इंदिरा गांधी के साथ उनके पारिवारिक रिश्ते और बचपन की यादों को सामने रखा।
Sitting on your lap. Holding both your hands. Listening to your voice say these words. Repeating them after you.
asato mā sadgamaya
tamaso mā jyotirgamaya
mṛtyormā amṛtaṃ gamaya
OM Shanti, shanti, ShantiWhat a beautiful gift you gave me Dadi. What a gift.
I never imagined.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 31, 2026
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके राष्ट्रसेवा के संकल्प को याद किया। उन्होंने इंदिरा गांधी के उस विचार का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने अपने जीवन के अंतिम क्षण तक देश की सेवा करने और अपने खून की हर बूंद भारत की एकता के लिए समर्पित करने की भावना व्यक्त की थी। खरगे ने उन्हें अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक बताते हुए कहा कि देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनका समर्पण सदैव याद रखा जाएगा।
इंदिरा गांधी का राजनीतिक जीवन अनेक ऐतिहासिक घटनाओं और महत्वपूर्ण निर्णयों से जुड़ा रहा। वर्ष 1966 में उन्होंने पहली बार प्रधानमंत्री पद संभाला था। उनके नेतृत्व में 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद बांग्लादेश का गठन हुआ। इसी दौर में भारत ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को और मजबूत किया। वर्ष 1974 में पोखरण में भारत का पहला परमाणु परीक्षण भी उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल में हुआ। हालांकि, 1975 से 1977 के बीच लगा आपातकाल उनके राजनीतिक जीवन का सबसे विवादित अध्याय माना जाता है। इस फैसले को लेकर देश में आज भी गंभीर राजनीतिक और लोकतांत्रिक बहस होती है।
कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge, CPP चेयरपर्सन श्रीमती @SoniaGandhi जी और नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi ने इंदिरा गांधी मेमोरियल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रीमती इंदिरा गांधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
📍दिल्ली https://t.co/AmeTtrFcZK
— Congress (@INCIndia) October 31, 2026
31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी। उनकी पुण्यतिथि को देश में राष्ट्रीय संकल्प दिवस के रूप में भी याद किया जाता है। उनके निधन ने भारतीय राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा किया था। चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनका नाम भारतीय राजनीति, सत्ता, नेतृत्व और राष्ट्रीय इतिहास की चर्चाओं में प्रमुखता से लिया जाता है।
शक्ति स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह ने एक बार फिर इंदिरा गांधी की राजनीतिक विरासत और उनके व्यक्तिगत जीवन की यादों को चर्चा में ला दिया। कांग्रेस नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, साहस और नेतृत्व की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उनकी पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि केवल एक पूर्व प्रधानमंत्री को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास के एक महत्वपूर्ण दौर को स्मरण करने का भी अवसर रही।