नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान मुरासु का असर दक्षिण और मध्य भारत के कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। आंध्र प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। पेड्डा वागु नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे एलुरु जिले के कई इलाकों में पानी भर गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करीब एक दर्जन गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
वहीं, तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में भी भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी तूफान का प्रभाव दिखाई दे रहा है। मौसम की स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश के पांच जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
तूफान मुरासु के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। लगातार बारिश के कारण पेड्डा वागु नदी का जलस्तर बढ़ गया है और नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। इसका सबसे अधिक असर एलुरु जिले में देखने को मिल रहा है।
नदी का पानी आसपास के इलाकों में फैलने से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने करीब 12 गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में भी बारिश ने परेशानी बढ़ा दी है। पहाड़ी इलाकों से आ रहे पानी के कारण कई स्थानों पर सड़कों पर तेज बहाव देखने को मिल रहा है। ऐसा लग रहा है मानो सड़कों पर नदियां बह रही हों।
चेन्नई के गोपालपुरम सहित कई निचले इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया है। कई गांवों में हजारों एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश के कारण यातायात और आम जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है।
तूफान मुरासु का असर मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी दिखाई दे रहा है। मंगलवार को कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के पांच जिलों में आंधी और बारिश की संभावना है।
इनमें सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में भी तूफान मुरासु का असर देखने को मिल रहा है। यहां लगातार दो दिनों से बारिश हो रही है। मंगलवार रात को तेज बारिश हुई, जबकि बुधवार को दिनभर रुक-रुककर हल्की बारिश जारी रही।
लगातार बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने के कारण धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। यदि मौसम का यही रुख बना रहा तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
तूफान मुरासु के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल गया है। कहीं भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं तो कहीं खेतों में पानी भरने से फसलों पर संकट मंडरा रहा है।
प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए सतर्कता बरतना जरूरी है। विशेष रूप से नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।