नई दिल्ली। दीपावली पर्व की शुरुआत धनतेरस के साथ हो गई है। आज 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को देशभर में धनतेरस का त्योहार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, आरोग्य और खुशहाली आती है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी करना भी शुभ माना जाता है।
धनतेरस को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान इसी दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के साथ उनकी पूजा की जाती है।
धनतेरस के दिन घर में पूजा करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें।
1. घर की साफ-सफाई करें: सुबह घर की अच्छी तरह सफाई करें। मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और शाम को दीपक जलाएं।
2. पूजा की चौकी तैयार करें: शाम को पूजा स्थल पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। चौकी पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
3. पूजा सामग्री रखें: पूजा के लिए रोली, अक्षत, फूल, दीपक, धूप, घी, मिठाई, फल, गंगाजल और चांदी या मिट्टी के सिक्के रखें।
4. भगवान गणेश का स्मरण करें: सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें। इसके बाद भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर को फूल, अक्षत और मिठाई अर्पित करें।
5. मंत्रों का जाप करें: पूजा के दौरान भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें।
भगवान धन्वंतरि मंत्र: ॐ धन्वंतरये नमः।
माता लक्ष्मी मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
भगवान कुबेर मंत्र: ॐ कुबेराय नमः।
6. आरती और प्रसाद चढ़ाएं: सभी देवी-देवताओं की आरती करें और परिवार के सदस्यों में प्रसाद बांटें।
धनतेरस की शाम यमराज के नाम से दीपदान करने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से रक्षा मिलती है। इसके लिए घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके दीपक जलाया जाता है।
6 नवंबर 2026, शुक्रवार
नई दिल्ली के लिए धनतेरस लक्ष्मी-कुबेर पूजा का शुभ मुहूर्त
प्रदोष काल: शाम 5:33 से रात 8:09 बजे तक
वृषभ काल: शाम 6:02 से 7:57 बजे तक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सोना, चांदी, तांबे और पीतल के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इसके अलावा झाड़ू, नए घरेलू सामान और उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी भी की जाती है। हालांकि, त्योहार मनाने के लिए महंगी खरीदारी करना जरूरी नहीं है।
धनतेरस का संदेश केवल धन कमाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, समृद्धि, परिवार की खुशहाली और जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने का पर्व भी है।