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दिल्ली में सस्ता, मुंबई-कोलकाता में महंगा पेट्रोल, क्या है इसकी असली वजह

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 15 मई को तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम 3 रुपये से ज्यादा बढ़ा दिए, जिसके बाद अलग-अलग शहरों में नई कीमतें लागू हो गईं। हालांकि बढ़ोतरी पूरे देश में हुई है, लेकिन हर शहर […]

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  • May 15, 2026 11:03 am IST, Published 2 hours ago

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 15 मई को तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम 3 रुपये से ज्यादा बढ़ा दिए, जिसके बाद अलग-अलग शहरों में नई कीमतें लागू हो गईं। हालांकि बढ़ोतरी पूरे देश में हुई है, लेकिन हर शहर में पेट्रोल-डीजल का रेट अलग दिखाई दे रहा है।

दिल्ली के मुकाबले मुंबई और कोलकाता में लोगों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। मुंबई में पेट्रोल 106 रुपये के पार पहुंच गया है, जबकि कोलकाता में इसकी कीमत 108 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा हो गई है। डीजल के दामों में भी इसी तरह का अंतर देखने को मिल रहा है।

देश के अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक जैसी नहीं होतीं। इसकी मुख्य वजह राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले अलग-अलग टैक्स और ईंधन को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का खर्च है। केंद्र सरकार पूरे देश में समान एक्साइज ड्यूटी लेती है, लेकिन हर राज्य अपने स्तर पर वैट और अन्य शुल्क तय करता है। इसी कारण कहीं पेट्रोल सस्ता मिलता है तो कहीं महंगा।

इसी टैक्स अंतर की वजह से मुंबई में पेट्रोल की कीमत बढ़ोतरी के बाद 106.64 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीजल 93.14 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। हालिया बढ़ोतरी में पेट्रोल करीब 3.10 रुपये और डीजल 3.11 रुपये महंगा हुआ है।

इसके अलावा तेल को रिफाइनरी से पेट्रोल पंप तक पहुंचाने का खर्च भी कीमतों पर असर डालता है। समुद्री बंदरगाहों, परिवहन दूरी और स्थानीय लागत के कारण भी शहरों के बीच दाम बदल जाते हैं।

इस बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को भी कीमत बढ़ने की बड़ी वजह माना जा रहा है। वैश्विक हालात का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ा है, जिससे तेल कंपनियों ने नए रेट लागू किए हैं।

 

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