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होर्मुज की जंग में डूबा गुजरात का जहाज़, ईरान के नए नियम से दुनिया में हलचल

ओमान के समुद्री तट के पास गुजरात का मालवाहक जहाज़ ‘हाजी अली’ अचानक आग की लपटों में घिर गया।कुछ ही मिनटों में अफरा-तफरी मच गई। क्रू मेंबर जान बचाने की कोशिश करने लगे। शुरुआती आशंका ड्रोन हमले की जताई गई। देवभूमि द्वारका के सलाया पोर्ट में रजिस्टर्ड यह जहाज़ बेरबेरा पोर्ट से शारजाह जा रहा […]

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  • May 15, 2026 9:52 am IST, Published 2 hours ago

ओमान के समुद्री तट के पास गुजरात का मालवाहक जहाज़ ‘हाजी अली’ अचानक आग की लपटों में घिर गया।कुछ ही मिनटों में अफरा-तफरी मच गई। क्रू मेंबर जान बचाने की कोशिश करने लगे। शुरुआती आशंका ड्रोन हमले की जताई गई।

देवभूमि द्वारका के सलाया पोर्ट में रजिस्टर्ड यह जहाज़ बेरबेरा पोर्ट से शारजाह जा रहा था। जहाज़ में पशु लदे थे और 14 भारतीय नाविक मौजूद थे। आग इतनी तेज़ थी कि जहाज़ धीरे-धीरे समुद्र में समाने लगा।

ओमान कोस्टगार्ड समय पर पहुंच गया और सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।लेकिन ‘हाजी अली’ जहाज़ समुद्र में डूब चुका था।

यह पहली घटना नहीं थी। सिर्फ एक हफ्ते पहले सलाया का ही एक और जहाज़ ‘अल फाइज नूर सुलेमानी-1’ होर्मुज जलडमरूमध्य में फायरिंग की चपेट में आकर डूब गया था।

अब सवाल उठने लगे हैं कि, क्या होर्मुज स्ट्रेट युद्ध का नया मोर्चा बनता जा रहा है? भारत ने इस हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि भारतीय फ्लैग वाले वाणिज्यिक जहाज़ों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। नागरिक नाविकों पर लगातार हमले गंभीर चिंता का विषय हैं।

वहीं पर ईरान ने नया नियम लागू कर दिया। अब होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले हर जहाज़ को ईरान की मंजूरी और उसकी निगरानी में गुजरना होगा।

ईरानी मीडिया का दावा है कि बुधवार शाम से करीब 30 जहाज़ इसी निगरानी में निकाले गए। IRGC नेवी पूरे रास्ते पर नज़र रखे हुए थी।

कई चीनी जहाज़ों को भी इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी गई। अब दुनिया की नज़र सिर्फ समुद्र पर नहीं, बल्कि अमेरिका, ईरान और चीन की अगली चाल पर टिक गई है।
क्योंकि होर्मुज सिर्फ पानी का रास्ता नहीं… दुनिया की तेल राजनीति की सबसे बड़ी नस है। और इस वक्त, उस नस पर तनाव की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है।

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