देहरादून: उत्तराखंड शासन में अपनी सक्रिय और प्रभावशाली कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बंशीधर तिवारी लगातार चर्चा में बने हुए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर सचिव (Additional Secretary to CM), सूचना एवं लोक संपर्क विभाग (DIPR) के महानिदेशक और मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे बंशीधर तिवारी को राज्य के सबसे सक्रिय अधिकारियों में गिना जाता है। प्रशासनिक फैसलों में तेजी, जनता से सीधा संवाद और विकास कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग उनकी पहचान बन चुकी है। लोग उन्हें एक ऐसे अधिकारी के रूप में देख रहे हैं जो सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं रहते, बल्कि फील्ड स्तर पर जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी भी करते हैं।
“नो व्हीकल डे” अभियान से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
बंशीधर तिवारी ने पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर भी कई अहम पहल की हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में उन्होंने सूचना निदेशालय में प्रत्येक शनिवार “नो व्हीकल डे” मनाने की शुरुआत कराई। इस पहल के तहत अधिकारी और कर्मचारी निजी वाहनों के बजाय साइकिल या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किए जा रहे हैं।
खास बात यह रही कि बंशीधर तिवारी स्वयं भी सहस्रधारा रोड स्थित अपने आवास से साइकिल चलाकर सूचना निदेशालय पहुंचे। उनकी इस पहल को कर्मचारियों और आम जनता ने सकारात्मक संदेश के रूप में देखा। एमडीडीए में भी उन्होंने “तेल बचाओ” और पर्यावरण जागरूकता अभियान को गति दी है।
अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई
एमडीडीए उपाध्यक्ष के रूप में बंशीधर तिवारी अवैध निर्माणों और नियमों के विपरीत विकसित हो रही कॉलोनियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में बिना मानचित्र स्वीकृति के बन रहे भवनों पर कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
उनका स्पष्ट मानना है कि शहर का विकास योजनाबद्ध तरीके से होना चाहिए, ताकि भविष्य में यातायात, जल निकासी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं न बढ़ें। इसी सोच के तहत वे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की नियमित समीक्षा करते हैं।
विकास परियोजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग
बंशीधर तिवारी द्वारा देहरादून, डोईवाला और ऋषिकेश क्षेत्र में चल रही कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। आधुनिक पार्क, मल्टीलेवल पार्किंग, सड़क चौड़ीकरण और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर वे अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें कर रहे हैं।
बताया जाता है कि वे निर्माण स्थलों का अचानक निरीक्षण भी करते हैं और कार्यों में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत निर्देश देते हैं। यही वजह है कि प्रशासनिक स्तर पर उनकी छवि एक अनुशासनप्रिय और परिणाम आधारित अधिकारी की बनी हुई है।
सूचना विभाग में डिजिटल बदलाव
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के महानिदेशक के रूप में भी बंशीधर तिवारी ने कई बदलाव किए हैं। सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को डिजिटल माध्यमों के जरिए तेजी से जनता तक पहुंचाने पर उन्होंने विशेष जोर दिया है। सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक संचार माध्यमों का उपयोग बढ़ाकर विभाग की कार्यशैली को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
सरकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचे, इसके लिए विभागीय स्तर पर लगातार नई रणनीतियां तैयार की जा रही हैं। राज्य सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को पारदर्शिता के साथ जनता तक पहुंचाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जनता और प्रशासन के बीच मजबूत संवाद
प्रशासनिक हलकों में बंशीधर तिवारी की पहचान ऐसे अधिकारी के रूप में है जो जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं और त्वरित समाधान का प्रयास करते हैं। उनकी बैठकों में अक्सर कार्यों की समय सीमा तय की जाती है और अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए जाते हैं।
उनकी सादगीपूर्ण जीवनशैली और शांत स्वभाव भी लोगों को प्रभावित करता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों के बाद आम लोगों के बीच यह चर्चा और मजबूत हुई है कि उत्तराखंड प्रशासन में कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं जो विकास और जनहित को प्राथमिकता देते हुए लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
प्रदेश में तेजी से बदलते शहरी ढांचे और विकास योजनाओं के बीच बंशीधर तिवारी की भूमिका आने वाले समय में और महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासनिक अनुभव, अनुशासन और विकास केंद्रित सोच के कारण वे उत्तराखंड शासन के प्रभावशाली अधिकारियों में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं।