हरिद्वार। 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर हरिद्वार पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। लाखों शिवभक्तों के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनका उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना, यातायात को सुचारु बनाए रखना और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना है।
इस बार प्रशासन ने विशेष रूप से मेले के दौरान हथियारनुमा वस्तुओं, मॉडिफाइड वाहनों और ऊंची कांवड़ पर सख्ती बरतने का फैसला किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
त्रिशूल, तलवार और डंडे लाने पर रोक
हरिद्वार पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कांवड़ मेले में त्रिशूल, तलवार, डंडे, बेसबॉल बैट और अन्य हथियार जैसी वस्तुओं को लाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का कहना है कि धार्मिक आस्था के नाम पर ऐसी वस्तुएं भीड़ में सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं।
पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल पूजा-अर्चना से जुड़ी आवश्यक सामग्री ही अपने साथ रखें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
मॉडिफाइड साइलेंसर और स्टंट बाइक पर भी सख्ती
हरिद्वार पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बाइकों और तेज आवाज करने वाले वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाया है। यात्रा मार्ग पर रेसिंग, स्टंट या लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ चालान के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि तेज आवाज वाले साइलेंसर और स्टंट करने वाले वाहन दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं तथा अन्य श्रद्धालुओं के लिए परेशानी पैदा करते हैं।
कांवड़ और झांकी की ऊंचाई तय
बिजली की हाईटेंशन लाइनों और अन्य दुर्घटनाओं से बचाव के लिए प्रशासन ने कांवड़ और झांकियों की अधिकतम ऊंचाई भी निर्धारित की है।
कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई: 6 फीट
झांकी की अधिकतम ऊंचाई: 10 फीट
प्रशासन ने कहा है कि इससे बिजली के तारों से होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और यात्रा सुरक्षित रहेगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में हजारों पुलिसकर्मी, पीएसी और अन्य सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। प्रमुख घाटों, मंदिरों, हाईवे और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी।
यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और कंट्रोल रूम के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम और मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी।
यातायात व्यवस्था में बदलाव
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक डायवर्जन योजना भी लागू की जाएगी। कई मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जबकि छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए जाएंगे।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यात्रा के दौरान यात्रा मार्गों की जानकारी पहले से प्राप्त करें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की अपील
हरिद्वार जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे:
प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
हथियारनुमा वस्तुएं साथ न लाएं।
मॉडिफाइड साइलेंसर और तेज आवाज वाले वाहन का उपयोग न करें।
निर्धारित ऊंचाई से अधिक बड़ी कांवड़ या झांकी न बनाएं।
किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
आपात स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें।
भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस
हरिद्वार में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेने पहुंचते हैं। इस बार अनुमान है कि पिछले वर्षों की तुलना में अधिक संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, मेडिकल सहायता, पेयजल, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की है।
घाटों पर लाइफगार्ड, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल राहत कार्य किया जा सके।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ पाया जाता है या यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी निगरानी रखी जाएगी।
कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए हरिद्वार पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ-साथ सार्वजनिक सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखें। प्रशासन का मानना है कि सभी के सहयोग से इस वर्ष की कांवड़ यात्रा सफल और सुरक्षित रूप से संपन्न होगी।