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ईंधन नीति पर सियासत तेज, केजरीवाल ने उठाए E20 को लेकर सवाल

नई दिल्ली: E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की ईंधन नीति पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र अध्ययन और विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान E20 […]

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  • August 1, 2026 2:58 pm IST, Published 51 minutes ago

नई दिल्ली: E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की ईंधन नीति पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र अध्ययन और विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान E20 ईंधन से जुड़ी लोगों की चिंताओं को सामने रखा।

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित ‘ई20 के खिलाफ राष्ट्रीय टाउन हॉल’ कार्यक्रम में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि E20 पेट्रोल के प्रभावों को लेकर कौन-कौन से वैज्ञानिक अध्ययन किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि कई वाहन मालिक माइलेज और इंजन से जुड़ी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं, इसलिए सरकार को इस पर खुलकर जानकारी देनी चाहिए।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि E20 पेट्रोल को लागू करने से पहले आम लोगों की समस्याओं और वाहनों पर इसके प्रभावों को लेकर पर्याप्त चर्चा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस ईंधन को पूरी तरह सुरक्षित मानती है तो उसे इससे जुड़े सभी आंकड़े और शोध रिपोर्ट जनता के सामने रखनी चाहिए।

AAP प्रमुख ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में वाहन ऐसे हैं जो पुराने मॉडल के हैं और जिनके लिए E20 ईंधन को लेकर लोगों के मन में सवाल हैं। उन्होंने वाहन कंपनियों से भी इस विषय पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने 29 वाहन कंपनियों को पत्र भेजकर दो प्रमुख सवाल पूछे हैं। पहला, क्या वर्ष 2023 से पहले बने वाहनों में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित है? दूसरा, यदि E20 के कारण माइलेज में कमी आती है या इंजन को नुकसान पहुंचता है तो क्या वाहन निर्माता कंपनियां इसकी जिम्मेदारी लेंगी?

उन्होंने दावा किया कि एक सर्वे के अनुसार कई वाहन चालकों ने माइलेज कम होने और इंजन से जुड़ी परेशानियों की बात कही है। हालांकि, सरकार और विशेषज्ञों की ओर से E20 को लेकर अलग-अलग समय पर यह कहा गया है कि इससे प्रदूषण कम करने, आयातित तेल पर निर्भरता घटाने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलेगी।

E20 का मतलब है पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथनॉल का मिश्रण। भारत सरकार ने एथनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम के तहत इसे बढ़ावा दिया है। इसका उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर खर्च कम करना, किसानों के लिए एथनॉल उत्पादन के अवसर बढ़ाना और पर्यावरणीय लक्ष्यों को हासिल करना है। वहीं, E20 को लेकर कुछ वाहन उपयोगकर्ताओं और विशेषज्ञों ने पुराने वाहनों की अनुकूलता, ईंधन दक्षता और इंजन पर संभावित प्रभाव जैसे मुद्दे उठाए हैं। इसी वजह से यह विषय लगातार चर्चा में बना हुआ है।

केजरीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार को आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर तकनीकी जानकारी और वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि किसी भी बड़े बदलाव का उनके वाहनों और खर्चों पर क्या असर पड़ेगा।

E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। जहां सरकार इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बता रही है, वहीं विपक्ष उपभोक्ताओं की चिंताओं और पारदर्शिता के मुद्दे उठा रहा है।

 

 

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