नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की प्रस्तावित तीन-भाषा व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में कक्षा 9 से अतिरिक्त भारतीय भाषा को अनिवार्य किए जाने के प्रावधान को चुनौती देते हुए इसे मनमाना और असंवैधानिक बताया गया है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए प्रस्तावित भाषा ढांचे को बिना पर्याप्त संक्रमण अवधि (ट्रांजिशन पीरियड) दिए लागू किया जा रहा है, जिससे छात्रों और स्कूलों के सामने व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि नई व्यवस्था से छात्रों की शैक्षणिक योजना और विषय चयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह नीति छात्रों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है। साथ ही, नीति के विभिन्न प्रावधानों की संवैधानिक वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
मामले में अब सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सुनवाई होगी, जहां नई भाषा नीति और उसके प्रभावों पर दोनों पक्ष अपनी दलीलें पेश करेंगे। अदालत के फैसले पर छात्रों, अभिभावकों और शैक्षणिक संस्थानों की नजरें टिकी हैं।