• होम
  • देश
  • केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लॉन्च किया राष्ट्रीय प्रमाणन पोर्टल

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लॉन्च किया राष्ट्रीय प्रमाणन पोर्टल

केंद्र सरकार ने देश में हरित ऊर्जा और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मजबूत करने के उद्देश्य से ग्रीन हाइड्रोजन प्रमाणन पोर्टल (GHCI) का शुभारंभ किया। यह पोर्टल ग्रीन हाइड्रोजन के प्रमाणन और नियामकीय अनुपालन की […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • June 18, 2026 12:21 pm IST, Published 48 minutes ago

केंद्र सरकार ने देश में हरित ऊर्जा और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मजबूत करने के उद्देश्य से ग्रीन हाइड्रोजन प्रमाणन पोर्टल (GHCI) का शुभारंभ किया। यह पोर्टल ग्रीन हाइड्रोजन के प्रमाणन और नियामकीय अनुपालन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा।

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान मंत्री ने बताया कि छह राज्यों ने ग्रीन हाइड्रोजन के लिए विशेष नीतियां लागू कर दी हैं, जबकि सात अन्य राज्यों ने अपनी मौजूदा औद्योगिक और नवीकरणीय ऊर्जा नीतियों में हाइड्रोजन को शामिल किया है। चार राज्य अपनी नीतियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वदेशी इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए 15 कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान की है, जिससे हर वर्ष 3,000 मेगावाट उत्पादन क्षमता विकसित की जा सकेगी। इसके अलावा रिफाइनरी क्षेत्र में प्रतिवर्ष 30,000 मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन की आपूर्ति के लिए प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को अनुबंध दिए गए हैं।

सरकार ने स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए हाइड्रोजन ईंधन आधारित वाहनों और रिफ्यूलिंग स्टेशनों के विकास हेतु भी वित्तीय सहायता प्रदान की है। साथ ही अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं, परीक्षण सुविधाओं और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष निवेश किया गया है।

मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 5 मिलियन मीट्रिक टन वार्षिक उत्पादन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 125 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश, रोजगार सृजन और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि ग्रीन हाइड्रोजन तकनीकों पर काम कर रहे स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पहले चरण में नौ स्टार्टअप्स को वित्तीय सहयोग देने की मंजूरी दी गई है।

Advertisement