नई दिल्ली: भारतीय रेल ने रेल सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पूर्वी तट रेलवे के 631 रूट किलोमीटर रेल नेटवर्क पर स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर लगभग 270 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
रेल मंत्रालय के अनुसार, यह परियोजना पूर्वी तट रेलवे के छह प्रमुख रेल खंडों—बघुआपाल-बुढ़पंक, हरिदासपुर-पारादीप, खुर्दा रोड-बलांगीर, नौपाड़ा-गुनुपुर, लांजीगढ़ रोड-जूनागढ़ और बोब्बिली-सलूर—को कवर करेगी।
‘कवच’ भारत में विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसका उद्देश्य सिग्नल उल्लंघन, अत्यधिक गति और ट्रेन टक्कर जैसी दुर्घटनाओं को रोकना है। यह तकनीक ट्रेनों की गतिविधियों की लगातार निगरानी करती है और आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटना की संभावना को कम करती है।
रेलवे का कहना है कि इस प्रणाली के लागू होने से ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगा। घने कोहरे तथा अन्य प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में भी ट्रेन परिचालन बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा, जिससे समयपालन में सुधार आने की उम्मीद है।
इस पहल से ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में यात्री तथा मालगाड़ी सेवाओं को लाभ मिलेगा। साथ ही, देशभर में महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर कवच नेटवर्क के विस्तार के लिए चल रहे अभियान को भी गति मिलेगी।
भारतीय रेल का लक्ष्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से रेल सुरक्षा मानकों को और ऊंचा उठाना तथा यात्रियों को सुरक्षित एवं भरोसेमंद यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है।