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लोगों को सेवा से ज्यादा संपत्ति की चिंता सताने लगती है

“जिस ट्रस्ट की कमान चंपत राय के हाथों में हो, वहां हिसाब-किताब से ज्यादा ‘लेकर भागने’ की चर्चा होना कोई नई बात नहीं!”

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
Gauravshali Bharat
  • June 24, 2026 10:24 am IST, Updated 3 hours ago

“जिस ट्रस्ट की कमान चंपत राय के हाथों में हो, वहां हिसाब-किताब से ज्यादा ‘लेकर भागने’ की चर्चा होना कोई नई बात नहीं!”

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