आरा (भोजपुर)। बिहार के भोजपुर जिले में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी पुलिस एनकाउंटर मामले ने अब एक बेहद उग्र और बड़े राजनीतिक-सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। भरत तिवारी के पैतृक गांव बिलौटी में आज एक विशाल महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें करीब 5,000 से अधिक लोग हाथों में तिरंगा लेकर न्याय की मांग करने पहुंचे हैं।
बिलौटी गांव से लेकर नेशनल हाईवे तक भरत तिवारी को ‘शहीद’ बताते हुए बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं। गांव में ‘शहीद भरत नगर जवइनिया’ का बोर्ड भी लगा दिया गया है। महापंचायत में उत्तर प्रदेश (UP) के कई ब्राह्मण संगठनों समेत बिहार के विभिन्न जिलों से भारी संख्या में युवा और सामाजिक कार्यकर्ता पहुंचे हैं।
महापंचायत की शुरुआत से ठीक पहले भारी संख्या में लोग सबसे पहले भरत तिवारी के घर पहुंचे। यहाँ परिजनों से मुलाकात के बाद आक्रोशित भीड़ ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और बिहार सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भीड़ का दावा: फिलहाल गांव में 1,000 से अधिक गाड़ियां और हजारों लोग मौजूद हैं, लेकिन आयोजकों का दावा है कि दिन ढलने तक इस महापंचायत में 1 लाख से अधिक लोग जुट सकते हैं।
सियासी हलचल: इस महापंचायत में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) के भी शामिल होने की राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा है।
बेटे की मौत के बाद भरत तिवारी की मां ने पुलिस के खिलाफ थाने में सीधे हत्या की एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई थी। इस मामले में चौतरफा दबाव और जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए बिहार सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है:
लाइन हाजिर: बुधवार सुबह सरकार ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए जगदीशपुर के SDPO राजेश कुमार शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया है।
हत्या का केस: मुठभेड़ में शामिल SDPO, थाना प्रभारी (SHO) और अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
न्यायिक जांच (Judicial Inquiry): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पूरे एनकाउंटर की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं, हालांकि जांच किस जज की निगरानी में होगी यह अभी तय होना बाकी है।
महापंचायत में पहुंचे लोगों और सोशल वर्कर्स ने बिहार पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए ‘पुलिसिया गुंडाराज’ का आरोप लगाया है। मंच से मुख्य रूप से ये मांगें उठाई गईं:
भरत का अधूरा काम पूरा हो: भरत के भाई चंदन ने कहा, “भइया यहां की गरीब जनता और युवाओं के हक के लिए लड़ रहे थे। प्रशासन उनकी मांगों को और गांव की समस्याओं को तुरंत पूरा करे।”
फर्जी एनकाउंटर पर कड़ी कार्रवाई: नालंदा से पहुंचे मन्नू यादव ने इसे ‘फर्जी एनकाउंटर’ बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले की हत्या की गई है। दोषी पुलिसवालों को जेल भेजा जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग मिले।
दिल्ली से चलेगा आंदोलन: दिल्ली से पहुंचे सोशल वर्कर रवीश भारद्वाज ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “बिहार में बदमाशों का नहीं बल्कि पुलिस का गुंडाराज चल रहा है। भरत भाई को न्याय दिलाने के लिए हम इस आंदोलन को अब दिल्ली तक लेकर जाएंगे।”