भोपाल | 29 जुलाई 2026
मध्य प्रदेश में मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले निकली किसान क्रांति पैदल यात्रा मंगलवार को राजधानी भोपाल पहुंची, जहां पुलिस की बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद करीब दो हजार किसान शहर में प्रवेश कर गए।
जानकारी के अनुसार, किसानों ने भोपाल सीमा पर कलियासोत नदी पुल के पास लगी पुलिस बैरिकेडिंग को पार करते हुए राजधानी की ओर मार्च जारी रखा। उनके साथ ट्रैक्टर-ट्रालियों और अन्य वाहनों का लंबा काफिला भी मौजूद था। प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगा लेकर और “जय जवान-जय किसान” के नारे लगाते हुए आगे बढ़े।
किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पर अड़े रहे, हालांकि पुलिस ने उन्हें बागसेवनिया स्थित आरआरएल तिराहे के पास रोक दिया। इसके बाद प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बातचीत शुरू हुई।
इस बड़े प्रदर्शन का असर राजधानी की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया और लोगों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
आंदोलन में शामिल किसानों का कहना है कि वे इस बार लंबी लड़ाई के लिए तैयार होकर आए हैं। कई किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों में सात दिनों का राशन और पानी लेकर पहुंचे हैं। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने से पहले वे वापस नहीं लौटेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा के अनुसार, इस आंदोलन में प्रदेश के 19 किसान संगठन शामिल हैं। प्रदर्शन में नर्मदापुरम, हरदा, सिवनी और रायसेन समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में किसान भोपाल पहुंचे हैं।
इससे पहले प्रशासन ने किसानों को औबेदुल्लागंज टोल प्लाजा के पास रोककर बातचीत के जरिए समझाने का प्रयास किया था, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और राजधानी की ओर पैदल मार्च जारी रखा।
फिलहाल प्रशासन और किसान संगठनों के बीच वार्ता जारी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन और तेज होता है।