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पूर्व IAS दिव्या मित्तल के पोस्टर से यूपी में सियासी चर्चाएं तेज हुईं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल की एंट्री के साथ ही नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासनिक सेवा से अलग होने के बाद दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल […]

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  • September 30, 2026 4:30 pm IST, Published 36 minutes ago

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल की एंट्री के साथ ही नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासनिक सेवा से अलग होने के बाद दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल होने से इनकार किया है और जनता के साथ मिलकर स्वतंत्र राजनीतिक मंच तैयार करने की बात कही है।

इसी बीच जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से जुड़े एक वरिष्ठ नेता डॉ. बृजेश सिंह राजावत की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए गए पोस्टर ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। पोस्टर में दिव्या मित्तल और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की तस्वीर साथ दिखाई गई है। पोस्ट के साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए अध्याय की संभावना का जिक्र किया गया है।

राजावत की पोस्ट में दिव्या मित्तल के प्रशासनिक अनुभव और राजा भैया की राजनीतिक पकड़ को जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई दिशा की संभावना पर सवाल उठाया गया। हालांकि, पोस्ट में किसी औपचारिक गठबंधन, पार्टी में शामिल होने या चुनावी समझौते की घोषणा नहीं की गई है। यही वजह है कि फिलहाल इसे राजनीतिक संकेत और चर्चा के तौर पर देखा जा रहा है, न कि किसी तय गठजोड़ के रूप में।  दिव्या मित्तल ने अपनी राजनीतिक पारी के ऐलान के दौरान स्पष्ट किया है कि वह किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं जाएंगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी राजनीतिक कर्मभूमि बताते हुए लोगों के साथ मिलकर काम करने की बात कही है। उनके अनुसार, राजनीति में आने का उद्देश्य जनता की उन समस्याओं को सामने लाना है, जो प्रशासनिक व्यवस्था में पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पातीं।

दिव्या मित्तल 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी रही हैं। उन्होंने करीब 13 वर्ष प्रशासनिक सेवा में बिताए और उत्तर प्रदेश में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने अगस्त 2026 में आईएएस से इस्तीफा दिया था, जिसे सितंबर में स्वीकार किया गया। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में आने का निर्णय सार्वजनिक किया। राजनीतिक पारी की घोषणा के बाद से ही यह सवाल उठ रहा था कि दिव्या मित्तल किसी स्थापित राजनीतिक दल के साथ जाएंगी या स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में उतरेंगी। उनके शुरुआती बयानों से फिलहाल यही संकेत मिला है कि वह स्वतंत्र मंच के जरिए राजनीति में काम करना चाहती हैं। उन्होंने नागरिकों से सीधे जुड़ने और उनके मुद्दों को राजनीतिक एजेंडे में शामिल करने की बात कही है।

राजा भैया की पार्टी से जुड़े नेता की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद इस चर्चा को नया आधार जरूर मिला है। पोस्टर में दोनों नेताओं की तस्वीर और राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल ने समर्थकों तथा राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींचा है। हालांकि, दिव्या मित्तल की ओर से इस पोस्टर को लेकर किसी राजनीतिक गठबंधन या जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के साथ जाने की आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। आने वाले समय में यदि दिव्या मित्तल चुनाव लड़ने का फैसला करती हैं तो उनके लिए उत्तर प्रदेश में राजनीतिक आधार तैयार करना महत्वपूर्ण होगा। उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि और जनता से सीधे जुड़ने की योजना को लेकर पहले ही चर्चा शुरू हो चुकी है। दूसरी ओर, राजा भैया की पार्टी की ओर से सामने आया पोस्टर संभावित सहयोग को लेकर अटकलों को जरूर बढ़ा रहा है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर दिव्या मित्तल की राजनीतिक यात्रा स्वतंत्र रूप से शुरू करने की घोषणा ही आधिकारिक स्थिति है। राजा भैया या उनकी पार्टी के साथ किसी औपचारिक राजनीतिक समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी राजनीति के बीच दिव्या मित्तल की सक्रियता और उनकी राजनीतिक रणनीति आने वाले दिनों में चर्चा का महत्वपूर्ण विषय बनी रह सकती है।

 

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