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मेट्रो सेक्टर में करियर का अवसर, यूपीएमआरसी के 12 ऑनलाइन तकनीकी कोर्स लॉन्च

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) ने रेलवे और मेट्रो सेक्टर में करियर बनाने वाले विद्यार्थियों, इंजीनियरों और तकनीकी पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 12 अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन तकनीकी प्रशिक्षण कोर्स शुरू किए हैं। इन कोर्सों का उद्देश्य देश और विदेश में तेजी से बढ़ रही रेल एवं मेट्रो परियोजनाओं के […]

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Gauravshali Bharat News
  • July 29, 2026 10:40 am IST, Published 57 minutes ago

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) ने रेलवे और मेट्रो सेक्टर में करियर बनाने वाले विद्यार्थियों, इंजीनियरों और तकनीकी पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 12 अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन तकनीकी प्रशिक्षण कोर्स शुरू किए हैं। इन कोर्सों का उद्देश्य देश और विदेश में तेजी से बढ़ रही रेल एवं मेट्रो परियोजनाओं के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना है, ताकि प्रतिभागी आधुनिक तकनीकों की बेहतर समझ विकसित कर वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर हासिल कर सकें।

यूपीएमआरसी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ट्रेनिंग (सीओईटी) द्वारा तैयार किए गए ये सभी कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन और वीडियो आधारित हैं। प्रत्येक कोर्स की अवधि 75 से 120 मिनट के बीच रखी गई है, जिससे नौकरी कर रहे पेशेवर और छात्र अपनी सुविधा के अनुसार प्रशिक्षण पूरा कर सकें। भारत के प्रतिभागियों के लिए प्रत्येक कोर्स की फीस मात्र ₹200 निर्धारित की गई है, जबकि विदेशी प्रतिभागियों के लिए शुल्क 100 अमेरिकी डॉलर रखा गया है। लॉगिन जारी होने के बाद कोर्स 90 दिनों तक वैध रहेगा और सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा।

इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मेट्रो ट्रेन प्रणाली का परिचय, ट्रेन कंट्रोल एवं मॉनिटरिंग सिस्टम (TCMS), डोर सिस्टम, HVAC सिस्टम, ड्राइवर मशीन इंटरफेस (DMI), ऑन-बोर्ड ऑटोमेटिक ट्रेन कंट्रोल उपकरण, MJL-11 एवं IRS S24 पॉइंट मशीन, ऑटोमेटिक ट्रेन कंट्रोल ट्रैकसाइड उपकरण, CBTC सिग्नलिंग सिस्टम, ऑटोमेटिक गेट (AG) तथा टिकट ऑफिस मशीन (TOM) और एक्सेस फेयर ऑफिस (EFO) जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी विषय शामिल किए गए हैं। ये सभी विषय आधुनिक मेट्रो संचालन और रखरखाव की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

यूपीएमआरसी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ट्रेनिंग देश के सबसे आधुनिक मेट्रो प्रशिक्षण संस्थानों में गिना जाता है। यहां प्रतिभागियों को डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म, प्रगति ट्रैकिंग, लचीले अध्ययन विकल्प और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। इस संस्थान को भारत सरकार के कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन से मान्यता प्राप्त है, जो इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।

सीओईटी की उपलब्धियां भी इसे विशेष बनाती हैं। जर्मनी की प्रतिष्ठित रेल कंपनी डॉयचे बान (DB) के 160 से अधिक कर्मचारी यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इसके अलावा अहमदाबाद मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को भी इस संस्थान द्वारा तकनीकी कंसल्टेंसी सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। इससे स्पष्ट होता है कि यूपीएमआरसी का प्रशिक्षण मॉडल केवल भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुका है।

प्रशिक्षण केंद्र में 150 सीटों वाला आधुनिक ऑडिटोरियम, 5डी मोशन ट्रेन ड्राइविंग सिम्युलेटर, चार डेस्कटॉप ट्रेन ड्राइविंग सिम्युलेटर, रोलिंग स्टॉक मेंटेनेंस सिम्युलेटर, ऑटोमैटिक ट्रेन सुपरविजन एवं स्काडा सिम्युलेटर, कंप्यूटर आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर, आधुनिक लाइब्रेरी, कैंटीन और छह अत्याधुनिक क्लासरूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन संसाधनों के माध्यम से प्रतिभागियों को वास्तविक कार्य परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाता है।

यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि यह पहल देश और विदेश के पेशेवरों को उच्च गुणवत्ता वाला तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उनका कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब कोई भी इच्छुक उम्मीदवार कहीं से भी इन कोर्सों का लाभ उठा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में खाड़ी देशों सहित दुनिया के कई हिस्सों में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार होने वाला है। केवल गल्फ देशों में ही लगभग एक हजार किलोमीटर तक नए मेट्रो नेटवर्क विकसित करने की योजनाएं चल रही हैं। इन परियोजनाओं में प्रशिक्षित तकनीकी विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यूपीएमआरसी के ये प्रमाणित ऑनलाइन कोर्स भारतीय युवाओं और तकनीकी पेशेवरों के लिए वैश्विक रोजगार के नए अवसर खोल सकते हैं।

रेल और मेट्रो सेक्टर की बड़ी कंपनियां, जैसे एल एंड टी और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण लेने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। ट्रैक, इलेक्ट्रिकल, सिग्नलिंग और रोलिंग स्टॉक जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने वाले उम्मीदवारों की मांग लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि यूपीएमआरसी की यह नई पहल रेलवे और मेट्रो उद्योग के लिए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 

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