नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद अमेरिकी ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon ने भारत में 13 अरब डॉलर (करीब 1.22 लाख करोड़ रुपये) के नए निवेश की घोषणा की है। कंपनी के CEO एंडी जेसी ने बताया कि यह निवेश वर्ष 2030 तक चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सेवाओं और तकनीकी क्षमता को मजबूत करने में किया जाएगा।
कंपनी का कहना है कि भारत उसके लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार और बढ़ती इंटरनेट पहुंच को देखते हुए Amazon अपनी दीर्घकालिक रणनीति के तहत निवेश बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद बड़ा ऐलान
Amazon के CEO एंडी जेसी ने भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस बैठक में भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था, तकनीकी नवाचार, क्लाउड कंप्यूटिंग, AI और रोजगार के अवसरों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद कंपनी ने 13 अरब डॉलर के अतिरिक्त निवेश की घोषणा करते हुए कहा कि भारत में तकनीकी विकास की अपार संभावनाएं हैं और कंपनी इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
2030 तक बढ़ेगा कुल निवेश
कंपनी के अनुसार नए निवेश के बाद भारत में Amazon का कुल निवेश वर्ष 2030 तक लगभग 48 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। इससे पहले भी कंपनी भारत में अरबों डॉलर का निवेश कर चुकी है और लगातार अपने कारोबार का विस्तार कर रही है। नए निवेश के जरिए कंपनी देश में आधुनिक डेटा सेंटर, क्लाउड सेवाओं और AI आधारित तकनीकों का नेटवर्क मजबूत करेगी।
AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा विशेष जोर
Amazon Web Services (AWS) के विस्तार के लिए भी इस निवेश का बड़ा हिस्सा खर्च किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य भारत में क्लाउड सेवाओं की क्षमता बढ़ाना और AI आधारित समाधानों को अधिक सुलभ बनाना है। इससे स्टार्टअप, छोटे व्यवसाय, सरकारी संस्थान और बड़े उद्योग आधुनिक तकनीकों का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी में बढ़ते निवेश से भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में देश की स्थिति और मजबूत होगी।
रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
Amazon का कहना है कि इस निवेश से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। डेटा सेंटर निर्माण, लॉजिस्टिक्स, तकनीकी सेवाएं, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, साइबर सुरक्षा और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियां पैदा होने की संभावना है।
कंपनी का दावा है कि भारत में उसके मौजूदा निवेश से पहले ही लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। नए निवेश से यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
भारत बना वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद
हाल के वर्षों में भारत दुनिया की प्रमुख कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश केंद्र बनकर उभरा है। मजबूत आर्थिक विकास, तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था, बड़ी उपभोक्ता आबादी और सरकार की निवेश समर्थक नीतियों के कारण विदेशी कंपनियां भारत में लगातार निवेश बढ़ा रही हैं।
Amazon का यह नया निवेश भी इसी विश्वास को दर्शाता है कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक तकनीकी और डिजिटल बाजार का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता रखता है।
डिजिटल इकोसिस्टम को मिलेगा बड़ा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि Amazon के इस निवेश से देश के डिजिटल इकोसिस्टम को व्यापक लाभ मिलेगा। AI आधारित सेवाओं का विस्तार होगा, क्लाउड कंप्यूटिंग की क्षमता बढ़ेगी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई तकनीकी सुविधाएं मिलेंगी। इससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय कंपनियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा भी मजबूत होगी।
आर्थिक विकास को मिलेगी गति
अर्थशास्त्रियों के अनुसार विदेशी निवेश बढ़ने से पूंजी प्रवाह में वृद्धि होगी, जिससे आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। तकनीकी निवेश का लाभ विनिर्माण, ई-कॉमर्स, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी सेवाओं सहित कई क्षेत्रों को मिलेगा। इससे भारत के डिजिटल परिवर्तन अभियान को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Amazon का 13 अरब डॉलर का नया निवेश भारत के प्रति कंपनी के दीर्घकालिक विश्वास का संकेत है। AI, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं में होने वाला यह निवेश न केवल तकनीकी विकास को गति देगा, बल्कि रोजगार सृजन, स्टार्टअप इकोसिस्टम और भारतीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ऐसे निवेश भारत को वैश्विक डिजिटल शक्ति के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।