नयी दिल्ली: भारत के स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ के निर्माण को तेजी देने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के साथ अहम साझेदारी की है। HAL ने प्रचंड हेलिकॉप्टर के 90 फ्यूजलेज यानी मुख्य ढांचे तैयार करने के लिए BEML और Adani Defence के साथ सहयोग किया है। इस कदम से देश में हेलिकॉप्टर निर्माण की क्षमता बढ़ाने और बड़े ऑर्डर को समय पर पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
साझेदारी के तहत BEML को 48 फ्यूजलेज बनाने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि Adani Defence 42 फ्यूजलेज तैयार करेगी। इन फ्यूजलेज का इस्तेमाल आगे प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर के निर्माण में किया जाएगा। यह व्यवस्था देश में एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में निजी और सार्वजनिक कंपनियों की भागीदारी को भी मजबूत करती है।प्रचंड भारत में विकसित किया गया एक स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर है। इसकी क्षमता को देखते हुए भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना के लिए इसका रणनीतिक महत्व लगातार बढ़ा है।
फ्यूजलेज किसी भी हेलिकॉप्टर का महत्वपूर्ण संरचनात्मक हिस्सा होता है। इसमें हेलिकॉप्टर के कई प्रमुख सिस्टम और उपकरणों के लिए आवश्यक संरचना उपलब्ध होती है। बड़ी संख्या में फ्यूजलेज का उत्पादन शुरू होने से अंतिम असेंबली प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तेज किया जा सकता है। यही वजह है कि HAL का यह कदम प्रचंड हेलिकॉप्टरों के उत्पादन कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।प्रचंड हेलिकॉप्टरों की कुल 156 यूनिट के उत्पादन की योजना है।
HAL की BEML और Adani Defence के साथ साझेदारी इसी आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अलग-अलग कंपनियों को उत्पादन प्रक्रिया में शामिल करने से निर्माण क्षमता का विस्तार किया जा सकता है और उत्पादन का दबाव भी बांटा जा सकता है। BEML रक्षा क्षेत्र और भारी इंजीनियरिंग से जुड़े उत्पादन में लंबे समय से सक्रिय सरकारी कंपनी है। दूसरी ओर, Adani Defence ने पिछले कुछ वर्षों में रक्षा और एयरोस्पेस निर्माण के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। दोनों कंपनियों को प्रचंड कार्यक्रम से जोड़ना भारत के रक्षा उत्पादन इकोसिस्टम के विस्तार का संकेत माना जा सकता है।
भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दे रही है। स्वदेशी हथियार प्रणालियों, विमान, हेलिकॉप्टर और रक्षा उपकरणों का घरेलू निर्माण इसी नीति का अहम हिस्सा है। प्रचंड जैसे प्लेटफॉर्म का बड़े पैमाने पर उत्पादन देश की घरेलू रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने में भी भूमिका निभा सकता है प्रचंड की खासियतों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचालन की क्षमता प्रमुख है।
नई साझेदारी से उत्पादन प्रक्रिया में कई भारतीय कंपनियों और आपूर्तिकर्ताओं को अवसर मिलने की संभावना है। इससे एयरोस्पेस क्षेत्र में तकनीकी क्षमता, रोजगार और स्थानीय सप्लाई चेन को भी बढ़ावा मिल सकता है। बड़े रक्षा प्रोजेक्ट के साथ स्थानीय विनिर्माण क्षमता बढ़ने से भविष्य में दूसरे स्वदेशी प्लेटफॉर्म के निर्माण में भी मदद मिल सकती है। HAL के लिए भी यह साझेदारी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कंपनी को प्रचंड हेलिकॉप्टरों की बड़ी संख्या में आपूर्ति करनी है।
फ्यूजलेज निर्माण का एक हिस्सा बाहरी साझेदारों को सौंपने से HAL अपनी उत्पादन क्षमता को अंतिम असेंबली और अन्य महत्वपूर्ण प्रणालियों पर केंद्रित कर सकता है।कुल मिलाकर, 90 फ्यूजलेज के निर्माण के लिएBEML और Adani Defence के साथ HALकी साझेदारी प्रचंड हेलिकॉप्टर कार्यक्रम में उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। BEML द्वारा 48 और Adani Defence द्वारा 42 फ्यूजलेज तैयार किए जाने से 156 प्रचंड हेलिकॉप्टरों के निर्माण कार्यक्रम को गति मिलने की उम्मीद है। यह साझेदारी भारत के बढ़ते स्वदेशी रक्षा और एयरोस्पेस निर्माण क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।