उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अलर्ट और स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। बारिश की स्थिति को देखते हुए अलग-अलग जिलों में कक्षाओं के अनुसार 26 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर 27 सितंबर को भी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।
प्रयागराज, अयोध्या, बाराबंकी, अलीगढ़, बरेली, एटा, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, सिद्धार्थनगर, पीलीभीत, गोंडा, हमीरपुर, उन्नाव, बिजनौर, अंबेडकरनगर, भदोही, मैनपुरी, कानपुर देहात, मिर्जापुर, कौशांबी, बांदा और चित्रकूट समेत कई जिलों में प्रशासन ने बारिश की स्थिति के अनुसार स्कूलों के संचालन को लेकर आदेश जारी किए हैं। इन फैसलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को खराब मौसम और जलभराव जैसी परिस्थितियों में अनावश्यक यात्रा से बचाना है।
कानपुर में लगातार हो रही बारिश का असर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) की परीक्षाओं पर भी पड़ा है। विश्वविद्यालय में शनिवार को प्रस्तावित मिड सेमेस्टर परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं। यह निर्णय कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए लिया। विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे शनिवार को परीक्षा देने के लिए परिसर में न आएं।
कानपुर और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परीक्षा स्थगित करने का फैसला किया है। निरस्त परीक्षाओं के आयोजन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आगे जानकारी जारी किए जाने की संभावना है। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे विश्वविद्यालय के आधिकारिक निर्देशों पर नजर रखें।
प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी बारिश का प्रभाव दिखाई दे रहा है। प्रशासन स्थानीय परिस्थितियों और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी कर रहा है। कुछ जिलों में छोटे बच्चों और स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए विशेष सावधानी बरती जा रही है।
श्रावस्ती में भारी बारिश के साथ राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया गया है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से जलस्तर और बारिश की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
बारिश के चलते सड़कों पर जलभराव और यातायात संबंधी दिक्कतों की आशंका के बीच प्रशासन ने लोगों से जरूरी होने पर ही घर से निकलने और मौसम की स्थिति की जानकारी लेते रहने की अपील की है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थानों में स्थानीय स्तर पर लिए जा रहे फैसलों की जानकारी संबंधित विभागों से लेने की सलाह दी गई है।
मौसम की स्थिति के कारण प्रदेश में शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ा है। जहां स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है, वहीं कानपुर विश्वविद्यालय की मिड सेमेस्टर परीक्षाएं भी बारिश के कारण स्थगित करनी पड़ी हैं। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति के आधार पर प्रशासन और शैक्षणिक संस्थानों की ओर से आगे के निर्णय लिए जा सकते हैं।