नई दिल्ली/गाजीपुर: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पतंगबाजी के बीच दिल्ली के गाजीपुर इलाके से चाइनीज मांझे से जुड़े एक कथित दर्दनाक हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि बाइक सवार एक युवक की गर्दन चाइनीज मांझे की चपेट में आ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, उपलब्ध वायरल पोस्ट से इस घटना की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में घटना को लेकर पुलिस या प्रशासन की आधिकारिक जानकारी सामने आने तक मौत के दावे को पूरी तरह सत्य मानना उचित नहीं होगा।
वायरल पोस्ट में सड़क पर कुछ लोग एक घायल व्यक्ति के आसपास दिखाई दे रहे हैं। पोस्ट के साथ दावा किया गया है कि 15 अगस्त के दौरान बाइक से जा रहे युवक की गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया। तस्वीर और वीडियो में सड़क किनारे खड़ी बाइक तथा मौके पर मौजूद लोगों को देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पोस्ट में घटना को बेहद गंभीर बताते हुए प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं।
वायरल वीडियो ने फिर बढ़ाई चाइनीज मांझे पर चिंता
हर साल स्वतंत्रता दिवस और अन्य त्योहारों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में पतंगबाजी बढ़ जाती है। इसी दौरान प्रतिबंधित सिंथेटिक या तथाकथित चाइनीज मांझे से हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसकी धार इतनी खतरनाक हो सकती है कि सड़क पर चल रहे बाइक सवार, राहगीर और दोपहिया वाहन चालक इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं।
दिल्ली में चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर पहले से प्रतिबंध लागू है। वर्ष 2017 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सिंथेटिक मांझे की बिक्री पर देशव्यापी रोक लगाई थी। इसके पीछे इंसानों के साथ-साथ पक्षियों और अन्य जीवों की सुरक्षा भी एक बड़ा कारण था।
इसके बावजूद समय-समय पर प्रतिबंधित मांझा बाजार में पहुंचने और इसके इस्तेमाल की शिकायतें सामने आती रही हैं। वर्ष 2024 में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान चलाते हुए कई मामले दर्ज किए थे। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के यमुनापार इलाकों में पुलिस ने बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई की थी।
बाइक सवारों के लिए क्यों बन जाता है बड़ा खतरा?
चाइनीज मांझे का सबसे बड़ा खतरा दोपहिया वाहन चालकों के लिए माना जाता है। बाइक या स्कूटर पर तेज गति से चलते समय सड़क के आर-पार खिंची हुई पतली डोर आसानी से दिखाई नहीं देती। अचानक मांझा गर्दन, चेहरा या हाथ के संपर्क में आने पर गंभीर चोट पैदा कर सकता है।
कई मामलों में मांझे से गर्दन पर गहरा कट लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हेलमेट सिर की सुरक्षा करता है, लेकिन गर्दन और चेहरे का हिस्सा खुला रहने के कारण खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता। इसी वजह से पतंग उड़ाने वाले लोगों से भी अपील की जाती है कि वे ऐसी डोर का इस्तेमाल न करें, जिससे सड़क पर चलने वाले लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों से भी चाइनीज मांझे से जुड़े गंभीर हादसों की खबरें सामने आई हैं। फरवरी 2026 में उत्तर प्रदेश सरकार ने भी चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और सप्लाई के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सरकार ने ऐसे मांझे से होने वाली मौतों को गंभीरता से लेने की बात कही थी।
वायरल पोस्ट में किया गया बड़ा दावा
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि गाजीपुर इलाके में बाइक सवार युवक की गर्दन चाइनीज मांझे की चपेट में आने के बाद उसकी मौत हो गई। पोस्ट में घटना को लेकर लोगों से प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सवाल उठाने की अपील भी की गई है।
लेकिन पत्रकारिता के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वायरल वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट अपने आप में घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं होता। मृतक की पहचान, दुर्घटना का सही स्थान, घटना का समय, अस्पताल की जानकारी और पुलिस की कार्रवाई जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां आधिकारिक स्रोत से सत्यापित होना जरूरी है।
इसलिए फिलहाल इस घटना को “वायरल वीडियो में किया गया दावा” मानकर ही देखा जाना चाहिए। यदि पुलिस, अस्पताल या स्थानीय प्रशासन की ओर से घटना की पुष्टि होती है, तो उसके बाद ही मृतक और हादसे की परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी निश्चित रूप से प्रकाशित की जा सकती है।
प्रशासन के सामने फिर खड़ा हुआ चुनौतीपूर्ण सवाल
चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के बावजूद इसकी उपलब्धता प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। समस्या केवल पतंग उड़ाने तक सीमित नहीं है। प्रतिबंधित मांझा बेचने वाले दुकानदारों, सप्लायरों और इसे खरीदकर इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी जरूरी है।
दिल्ली पुलिस ने पहले भी स्वतंत्रता दिवस से पहले बाजारों, दुकानों और गोदामों में जांच अभियान चलाया है। वर्ष 2024 में पुलिस ने बताया था कि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री रोकने के लिए अलग-अलग जिलों में कार्रवाई की जा रही थी।
ऐसे में गाजीपुर से सामने आए वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रतिबंध के बावजूद खतरनाक मांझा लोगों तक कैसे पहुंच रहा है। साथ ही, सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे वीडियो की सत्यता जांचना भी बेहद जरूरी है, ताकि वास्तविक घटना और अपुष्ट दावे के बीच अंतर स्पष्ट रह सके।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
पतंगबाजी भारतीय संस्कृति और त्योहारों का हिस्सा रही है, लेकिन इसका आनंद किसी की जान जोखिम में डालकर नहीं लिया जा सकता। लोगों को केवल सुरक्षित और वैध मांझे का इस्तेमाल करना चाहिए। सड़क, बिजली के तारों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास पतंग उड़ाने से बचना चाहिए।
दोपहिया वाहन चालकों को भी स्वतंत्रता दिवस और पतंगबाजी वाले दिनों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। सड़क पर अचानक दिखाई देने वाली डोर से बचने के लिए गति नियंत्रित रखना और आसपास ध्यान देना उपयोगी हो सकता है।
फिलहाल गाजीपुर के वायरल वीडियो में युवक की मौत का दावा आधिकारिक पुष्टि का इंतजार कर रहा है। लेकिन वीडियो ने चाइनीज मांझे के खतरों पर बहस जरूर तेज कर दी है। जरूरत इस बात की है कि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रभावी निगरानी हो तथा लोगों में भी इसके खतरों को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाए।