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बिहार के सरकारी स्कूलों के रसोइयों के लिए बड़ा आदेश

 अब अनिवार्य होगी ‘पे-आईडी’, दस्तावेज जमा न करने पर अटक सकता है मानदेय दारौंदा (सिवान)। बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों (मिड-डे मील वर्कर्स) के लिए शिक्षा विभाग ने एक नया और कड़ा निर्देश जारी किया है। विभाग ने सभी रसोइयों के मानदेय भुगतान को अधिक व्यवस्थित करने के लिए उनकी पे-आईडी (Pay ID) […]

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  • June 26, 2026 5:53 pm IST, Published 39 seconds ago

 अब अनिवार्य होगी ‘पे-आईडी’, दस्तावेज जमा न करने पर अटक सकता है मानदेय

दारौंदा (सिवान)। बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों (मिड-डे मील वर्कर्स) के लिए शिक्षा विभाग ने एक नया और कड़ा निर्देश जारी किया है। विभाग ने सभी रसोइयों के मानदेय भुगतान को अधिक व्यवस्थित करने के लिए उनकी पे-आईडी (Pay ID) बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को अपने यहाँ कार्यरत रसोइयों से आवश्यक दस्तावेज जल्द से जल्द एकत्र करने का आदेश दिया गया है।

ये दस्तावेज जमा करना होगा अनिवार्य

विभाग के निर्देशानुसार, पे-आईडी जनरेट करने के लिए प्रत्येक रसोइया को अपने स्कूल में निम्नलिखित महत्वपूर्ण दस्तावेजों की छायाप्रति (Photocopy) जमा करनी होगी:

  1. पहचान और पता प्रमाण पत्र (जैसे आधार कार्ड)

  2. पैन कार्ड (PAN Card)

  3. बैंक पासबुक की कॉपी

विद्यालय के प्रधानों (प्रिंसिपल्स) को निर्देश दिया गया है कि वे इन सभी दस्तावेजों का पूरी तरह से भौतिक सत्यापन (Verification) करें और उन्हें स्कूल के आधिकारिक रिकॉर्ड में सुरक्षित रखें।

लापरवाही पर अटक सकता है मानदेय (Salary)

शिक्षा विभाग ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जिन रसोइयों के पास पहचान पत्र, पैन कार्ड या बैंक खाते से जुड़े जरूरी कागजात नहीं होंगे, उनकी पे-आईडी नहीं बनाई जा सकेगी।

ऐसी स्थिति में भविष्य में उनके मानदेय (पारिश्रमिक) का डिजिटल भुगतान पूरी तरह से रुक सकता है। विभाग ने उन रसोइयों को, जिनके दस्तावेज अभी अधूरे या त्रुटिपूर्ण हैं, उन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त कराने या नया बनवाने की सलाह दी है।

डिजिटल और पारदर्शी होगी भुगतान व्यवस्था

इस नई व्यवस्था को लागू करने के पीछे शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य रसोइयों को मिलने वाले मानदेय की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और पारदर्शी (Transparent) बनाना है। पे-आईडी बन जाने के बाद:

  • रसोइयों के बैंक खातों में सीधे और समय पर पैसा ट्रांसफर हो सकेगा।

  • भुगतान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और सरकारी रिकॉर्ड का रखरखाव आसान हो जाएगा।

  • कागजी लेटलतीफी और मानदेय भुगतान में होने वाली तकनीकी समस्याओं को पूरी तरह खत्म किया जा सकेगा।

स्कूलों में तेज हुई प्रक्रिया: विभागीय आदेश जारी होते ही सिवान जिले के दारौंदा प्रखंड सहित पूरे राज्य के सरकारी विद्यालयों में रसोइयों से दस्तावेज जुटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। स्कूल प्रबंधन लगातार रसोइयों से समय पर कागजात जमा करने की अपील कर रहा है, ताकि तय समय सीमा के भीतर पे-आईडी बनाने का काम पूरा किया जा सके और किसी भी गरीब मजदूर का मानदेय प्रभावित न हो।

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