कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में हुए भीषण गोदाम हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। दक्षिण कोलकाता के ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर हुए इस तीन मंजिला निर्माणाधीन गोदाम हादसे के तीसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है। मलबे के नीचे से लगातार शवों और घायलों को निकालने का सिलसिला चल रहा है। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी 30 से 40 मजदूर भारी मलबे और लोहे के भारी-भरकम बीमों के नीचे दबे हो सकते हैं।
इस दर्दनाक हादसे में अब तक 19 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज सरकारी एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल में चल रहा है, जहां कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
घटनास्थल पर हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे हुए इस हादसे के बाद से ही रेस्क्यू टीमें बिना रुके काम कर रही हैं। भारतीय सेना के 200 से अधिक जवान, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और कोलकाता पुलिस की आपदा प्रबंधन टीमें संयुक्त रूप से मलबे को हटाने में जुटी हैं।
भारी क्रेन, गैस कटर, खोजी कुत्तों (Sniffer Dogs) और थर्मल डिटेक्टर डिवाइस की मदद से मलबे के भीतर जिंदगी की तलाश की जा रही है। विशालकाय लोहे के गाटर और कंक्रीट की वजह से रेस्क्यू टीम को आगे बढ़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार रात मलबे से दो और शव बरामद किए गए थे। वहीं शुक्रवार सुबह एसएसकेएम अस्पताल में इलाज के दौरान दो और मजदूरों (मन्नू कुमार और साहिल सरदार) ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद कुल मौतों का आंकड़ा 15 तक पहुंच गया।
बिहार के मुंगेर के रहने वाले 19 वर्षीय मन्नू कुमार की इस हादसे में मौत हो गई, जबकि उनके भाई की मौत पहले ही हो चुकी थी। वहीं उनके पिता अभी भी इसी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस हादसे ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। लापरवाही और घटिया निर्माण के आरोप में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के पूर्व ओएसडी (OSD) कालीचरण बंद्योपाध्याय, प्रोजेक्ट सुपरवाइजर और स्ट्रक्चरल फैब्रिकेटर शामिल हैं।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बयान: > मुख्यमंत्री ने विधानसभा में इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा, “दोषियों के खिलाफ क्रिमिनल केस चलेगा और उनकी संपत्तियां कुर्क कर पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा। कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में पास हुए सभी संदिग्ध निर्माण कार्यों का ऑडिट किया जाएगा और 31 जुलाई तक नए निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है।”