पटना: बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा और न्यायिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें पांच नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और विभिन्न जिलों में नए न्यायालय भवनों के निर्माण से जुड़े निर्णय प्रमुख रहे। इन फैसलों से शिक्षा और न्यायिक सेवाओं की पहुंच को और बेहतर बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया। सरकार का मानना है कि इन संस्थानों के शुरू होने से छात्रों को राज्य के भीतर ही उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन कम होगा। स्वीकृत प्रस्तावों के अनुसार मधुबनी, सिवान, नवादा, पटना और औरंगाबाद में नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इन विश्वविद्यालयों के माध्यम से विभिन्न विषयों में आधुनिक और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
बिहार के विभिन्न जिलों में 5 नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना एवं संचालन को स्वीकृति प्रदान की गई।
1. मधुबनी में शांजा विश्वविद्यालय की स्थापना एवं संचालन को मंजूरी।
2. सिवान में निजी विश्वविद्यालय की स्थापना एवं संचालन को मंजूरी।
3. नवादा के अशोक नगर में एस.ए. विश्वविद्यालय…
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 24, 2026
कैबिनेट ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सिवान, पूर्वी चंपारण, बेगूसराय और नवादा जिलों में नए न्यायालय भवनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य सरकार ने शहरी विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की है। अमृत 2.0 योजना के तहत छपरा शहर में सीवरेज नेटवर्क परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है।
शिक्षा, न्याय और शहरी विकास से जुड़े ये फैसले राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से न केवल शैक्षणिक अवसर बढ़ेंगे, बल्कि रोजगार और निवेश की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। आने वाले वर्षों में इन फैसलों का सीधा लाभ छात्रों, नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों के विकास को मिलने की उम्मीद है।सरकार का लक्ष्य विकास की गति को तेज करना और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।