नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की साइबर साउथ टीम ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए आम लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक संगठित साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
आरोपियों का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। गैंग के सदस्य खुद को मुंबई एटीएस, आईपीएस और सीबीआई जैसे प्रतिष्ठित जांच एजेंसियों के अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे। पीड़ित को कानूनी कार्रवाई का खौफ दिखाकर उन्हें घंटों व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा जाता था और दबाव में आकर उनसे पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे।
इस गिरोह का खुलासा एक महिला की शिकायत के बाद हुआ, जिसे आरोपियों ने वीडियो कॉल पर बंधक बनाकर आरटीजीएस के जरिए 7.22 लाख रुपये की चपत लगा दी थी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 18 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, 15 सिम कार्ड और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि यह गैंग देशभर में जाल फैलाकर सैकड़ों लोगों को ठग चुका है। फिलहाल साइबर साउथ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है और गैंग के अन्य संपर्कों को खंगाला जा रहा है।