• होम
  • पश्चिम बंगाल
  • बंगाल का महत्वाकांक्षी कदम: कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज को फिर से कारोबार के केंद्र में लाने की कोशिश

बंगाल का महत्वाकांक्षी कदम: कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज को फिर से कारोबार के केंद्र में लाने की कोशिश

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने नवीनतम बजट में राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर जोर दिया है। बजट की प्रमुख घोषणाओं में ऐतिहासिक Calcutta Stock Exchange (सीएसई) को नए सिरे से सक्रिय करने की पहल भी शामिल है। राज्य सरकार का मानना है […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • June 22, 2026 5:11 pm IST, Published 1 hour ago

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने नवीनतम बजट में राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर जोर दिया है। बजट की प्रमुख घोषणाओं में ऐतिहासिक Calcutta Stock Exchange (सीएसई) को नए सिरे से सक्रिय करने की पहल भी शामिल है। राज्य सरकार का मानना है कि वित्तीय गतिविधियों को बढ़ावा देने और कोलकाता की वित्तीय पहचान को मजबूत करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

हालांकि मौजूदा परिस्थितियों में इस पहल के सामने कई चुनौतियां हैं। देश के शेयर बाजार कारोबार का बड़ा हिस्सा पहले से ही NSE और BSE जैसे बड़े प्लेटफॉर्म के पास केंद्रित है। ऐसे में कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज को दोबारा प्रतिस्पर्धी बनाना आसान नहीं माना जा रहा है।क्षेत्रीय वित्तीय संस्थानों को मजबूत करने और स्थानीय निवेशकों को अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक सकारात्मक पहल है।

बजट में सरकार ने बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण, उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की। राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति देने, लघु एवं मध्यम उद्योगों को समर्थन देने तथा रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने यह भी संकेत दिया कि वित्तीय क्षेत्र से जुड़े संस्थानों को मजबूत कर निवेशकों का भरोसा बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज के पुनरोद्धार की योजना तत्काल बड़े परिणाम भले न दे, लेकिन लंबे समय में यह राज्य की वित्तीय पारिस्थितिकी को मजबूत करने में भूमिका निभा सकती है। ऐसे समय में जब अधिकांश कारोबार राष्ट्रीय स्तर के एक्सचेंजों पर केंद्रित है, पश्चिम बंगाल सरकार का यह प्रयास एक अलग सोच को दर्शाता है।

राज्य सरकार का दावा है कि बजट में विकास और सामाजिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि घोषित योजनाओं को जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है।

Advertisement