पटना: अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के मौके पर राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने श्रमिकों को शुभकामनाएं देते हुए केंद्र की NDA सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की में मजदूरों की भूमिका सबसे अहम रही है, लेकिन उनकी समस्याएं आज भी प्राथमिकता नहीं बन पाई हैं। तेजस्वी यादव के मुताबिक, अगर मजदूरों, उनके परिवारों और गांवों का समुचित विकास नहीं होता, तो “विकसित भारत” का लक्ष्य सिर्फ एक नारा बनकर रह जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियों के चलते बिहार से बड़े पैमाने पर पलायन जारी है, जहां लोग बेहतर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बाहर काम करने वाले बिहारी मजदूरों को कई बार भेदभाव, अपमान और हिंसा का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति चिंताजनक है और इसके लिए उन्होंने लंबे समय से सत्ता में रही NDA सरकार को जिम्मेदार ठहराया। तेजस्वी यादव ने अपने बयान में नोटबंदी और कोरोना काल के लॉकडाउन का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि इन फैसलों का सबसे गहरा असर गरीब और प्रवासी मजदूरों पर पड़ा।
लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में मजदूरों का पलायन और उनकी कठिनाइयों ने पूरे देश को झकझोर दिया था।वर्तमान हालात पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अब गैस सिलेंडर से जुड़ी समस्याओं के कारण भी मजदूर वापस लौट रहे हैं, लेकिन उनके लिए राज्य में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं बनाए जा रहे। उन्होंने सरकार से मांग की कि मजदूरों के हित में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि उन्हें सम्मानजनक जीवन मिल सके।