पटना: बिहार की राजनीति में आवास और राजनीतिक विरासत को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके परिवार को मिला सरकारी आवास किसी की कृपा का परिणाम नहीं है, बल्कि संवैधानिक और प्रशासनिक व्यवस्था के तहत प्राप्त हुआ है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी लंबे समय तक महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री रहने के साथ-साथ केंद्र सरकार में रेल मंत्री भी रह चुके हैं, जबकि राबड़ी देवी ने भी मुख्यमंत्री के रूप में राज्य का नेतृत्व किया है। ऐसे में 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास को लेकर उठाए जा रहे सवाल तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
राजद नेता ने कहा कि यह कहना गलत होगा कि उन्हें या उनके परिवार को किसी विशेष कृपा के आधार पर आवास मिला है। उन्होंने दावा किया कि यह सब नियमों और सरकारी प्रावधानों के तहत हुआ है। साथ ही उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले अपने राजनीतिक सफर और परिस्थितियों का आकलन करना चाहिए।
तेजस्वी यादव ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि राजनीति में कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनकी वर्तमान स्थिति और पद राजनीतिक कृपा या समर्थन का परिणाम मानी जा सकती है। उन्होंने इशारों-इशारों में सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए कहा कि यदि कृपा की राजनीति की बात की जाए तो कई वर्तमान नेताओं की राजनीतिक यात्रा पर भी सवाल उठ सकते हैं।
बिहार में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों के बीच नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान आने वाले समय में राज्य की राजनीति को और अधिक गर्मा सकते हैं। फिलहाल आवास और राजनीतिक वैधता को लेकर शुरू हुई यह बहस बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।