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म्यांमार से आने वाली ड्रग्स का प्रमुख रास्ता बना मिजोरम

8 महीने में 846 करोड़ की खेप जब्त; 930 गिरफ्तार मिजोरम। म्यांमार से भारत में आने वाली नशीली दवाओं की तस्करी को लेकर सुरक्षा और जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले आठ महीनों में मिजोरम में 846 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग्स जब्त की गई हैं। इस दौरान […]

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Gauravshali Bharat News
  • October 5, 2026 11:10 am IST, Published 35 minutes ago

8 महीने में 846 करोड़ की खेप जब्त; 930 गिरफ्तार

मिजोरम। म्यांमार से भारत में आने वाली नशीली दवाओं की तस्करी को लेकर सुरक्षा और जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले आठ महीनों में मिजोरम में 846 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग्स जब्त की गई हैं। इस दौरान करीब 930 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 111 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

मिजोरम की म्यांमार से लगी करीब 510 किलोमीटर लंबी सीमा का इस्तेमाल तस्करी के लिए किए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, तस्कर जंगलों और सीमावर्ती इलाकों के रास्ते हेरोइन और मेथामफेटामाइन जैसी नशीली दवाओं को भारत में लाने की कोशिश करते हैं।

ईडी की कार्रवाई में 4.8 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने म्यांमार के कथित सरगना थिंगचुंगआंग उर्फ चिंतुआंग से जुड़े 22 बैंक खातों में मौजूद करीब 4.8 करोड़ रुपये की राशि कुर्क की है।

जांच में कथित तौर पर ड्रग्स की खरीद, सीमा पार परिवहन, भंडारण, देश के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई और हवाला के जरिए भुगतान से जुड़े नेटवर्क का पता चला है।

हाल के महीनों में बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद

मिजोरम में हाल के महीनों में सुरक्षा एजेंसियों ने कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। 2 अक्टूबर को जोते इलाके में असम राइफल्स ने करीब 2.5 किलो हेरोइन बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत 5.07 करोड़ रुपये बताई गई। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।

वहीं 12 सितंबर को सेलिंग में करीब 6.9 किलो मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद हुईं, जिनकी कीमत लगभग 5.59 करोड़ रुपये बताई गई। इससे पहले 8 अगस्त को सेलिंग के पास एक एंबुलेंस से करीब 15 किलो मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद की गई थीं। इसकी अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये थी।

म्यांमार से ड्रग्स, भारत से जाता था कच्चा माल

जांच में तस्करी के कथित नेटवर्क का एक और पहलू सामने आया है। आरोप है कि भारत से कुछ रसायन मिजोरम के रास्ते म्यांमार भेजे जाते थे, जिनका इस्तेमाल वहां अवैध रूप से ड्रग्स बनाने में किया जाता था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, स्यूडोएफेड्रिन टैबलेट और कैफीन एन्हाइड्रस जैसे रसायनों की सप्लाई के तार भी इस नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। तैयार ड्रग्स को बाद में मिजोरम के रास्ते भारत में लाने की बात जांच में सामने आई है।

हवाला और बैंक खातों के जरिए पैसों का लेन-देन

ड्रग्स कारोबार से जुड़े पैसों को छिपाने के लिए कथित तौर पर कई बैंक खातों, म्यूल अकाउंट और फ्रंट कंपनियों का इस्तेमाल किया जाता था। जांच में कुछ ऑपरेटरों के खातों में 50 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का भी पता चलने की बात कही गई है।

जांच एजेंसियां अब ड्रग्स की सप्लाई, सीमा पार नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही हैं।

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